दिवाली से पहले मणिपुर में बड़ा फैसला, पटाखों पर रोक
दिवाली पर आतिशबाजी को लेकर निर्देश
इंफाल: दिवाली के त्योहार से पहले राज्य की नाजुक कानून-व्यवस्था को देखते हुए, मणिपुर सरकार और 'नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन' ने कई जिलों में पटाखों की बिक्री और उन्हें फोड़ने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
जिला मजिस्ट्रेटों ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023' की धारा 163(2) के तहत राज्य सरकार के इस प्रतिबंध को तीन विशिष्ट जिलों में लागू किया है। इसके साथ ही, नागाओं की प्रमुख पारंपरिक संस्था ने पूरे सेनापति जिले में भी इसी तरह का प्रतिबंध लगा दिया है।
कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले त्योहार के लिए पटाखे रखने या बेचने का कोई भी अस्थायी लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इन चीजों को बिना अनुमति के रखना या बेचना 'एक्सप्लोसिव्स एक्ट, 1884' (विस्फोटक अधिनियम, 1884) का सीधा उल्लंघन होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पारंपरिक नेताओं ने कहा कि जो कोई भी अपने अधिकार क्षेत्र में समुदाय-स्तर पर लगाए गए इस प्रतिबंध का उल्लंघन करेगा, उसे पारंपरिक कानूनों के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।
इस संस्था ने सभी निवासियों, दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक शांति और सामुदायिक भलाई बनाए रखने में पूरा सहयोग दें।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोहरे आदेशों का उद्देश्य संघर्ष प्रभावित पहाड़ी जिलों में लोगों के बीच घबराहट को रोकना है, क्योंकि वहां पटाखों की आवाज को आसानी से गोलीबारी या विस्फोटकों की आवाज समझा जा सकता है।