इंफाल: मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार (6 नवंबर, 2026) को 58 वर्षीय एक व्यक्ति को 2013 में अपनी पत्नी की हत्या करने के जुर्म में आजीवन कारावास (सश्रम) की सजा सुनाई और उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सत्र न्यायाधीश ख. अजीत ने यह फैसला सुनाया। दोषी की पहचान क्वाक्ता खुमान निवासी मो. अब्दुल हलीम के रूप में हुई है, जिसे 11 अगस्त को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया गया था।
अदालत ने आदेश दिया कि जांच और मुकदमे के दौरान दोषी ने जो समय पहले ही जेल में बिताया है, उसे उसकी कुल सजा की अवधि में से घटा दिया जाएगा।
यह मामला 14 जून, 2013 की एक घटना से जुड़ा है, जो गोलापति मानिंग लीकाई तांकी मखोंग में दंपति के किराए के घर पर हुई थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोषी ने अपनी पत्नी अमुबी पर चाकू से कई वार किए और फिर पास के एक घर में भाग गया। बाद में उसी शाम पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया।
मुकदमे के दौरान, अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के बयान, 21 दस्तावेजी सबूत और घटनास्थल से बरामद आठ भौतिक साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए।
सरकारी वकील टोंगब्रम बिपिनचंद्र ने दलील दी कि हमले की गंभीरता को देखते हुए, कानून के तहत दी जा सकने वाली सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने नरमी बरतने की अपील की। ​​उन्होंने तर्क दिया कि दोषी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है, उसकी उम्र 60 वर्ष के करीब है और वह नियमित रूप से धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर खुद में सुधार ला चुका है।
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