मणिपुर को आर्थिक संकट से उबारने की तैयारी, CM खेमचंद सिंह ने केंद्र से मांगी मदद
मणिपुर : कमजोर आर्थिक स्थिति को सुधारने और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पिछले तीन वर्षों में राज्य को हुए राजस्व नुकसान का मुद्दा उठाया और वित्तीय संकट से उबरने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत भी अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। वित्त मंत्री सीतारमण ने राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।इंफाल/नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2026। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन स्थित केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय में उनसे मुलाकात की। बैठक में राज्य की वित्तीय चुनौतियों, राजस्व संग्रह में कमी, केंद्र प्रायोजित योजनाओं और विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को बताया कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारियों को वेतन और पेंशनभोगियों को समय पर पेंशन देने की व्यवस्था कायम रखी गई है।
तीन वर्षों में राजस्व नुकसान से बढ़ी आर्थिक चुनौती
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने बैठक में पिछले तीन वर्षों के दौरान मणिपुर को हुए राजस्व नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।मई 2023 से राज्य में जारी जातीय हिंसा और उससे उत्पन्न अस्थिरता का व्यापार, परिवहन, पर्यटन तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।सितंबर 2026 में मुख्यमंत्री ने बताया था कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच राज्य को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।इस कमी के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है। राजस्व संग्रह प्रभावित होने से विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।
SASCI योजना के तहत अतिरिक्त धन की मांग
बैठक में मुख्यमंत्री ने 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता' योजना के तहत अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।इस योजना को अंग्रेजी में Special Assistance to States for Capital Investment (SASCI) कहा जाता है।इसके माध्यम से केंद्र सरकार राज्यों को बुनियादी ढांचे के विकास और पूंजीगत परियोजनाओं के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराती है।योजना के तहत पात्र परियोजनाओं के लिए 50 वर्ष की अवधि वाले ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर को मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से उबारने और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पूंजी निवेश की आवश्यकता है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।
कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को बताया कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों के वेतन और पेंशनभोगियों के भुगतान को प्राथमिकता दे रही है।उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को प्रत्येक महीने के पहले कार्य दिवस पर वेतन और पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन में सुधार, खर्चों की निगरानी और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक गतिविधियों को स्थिर बनाए रखने में सहायता मिलती है।केंद्रीय वित्त मंत्री को राज्य द्वारा वित्तीय अनुशासन कायम रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी गई।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं यानी Centrally Sponsored Schemes (CSS) के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति और विकास कार्यों से संबंधित जानकारी दी।केंद्र प्रायोजित योजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण और बुनियादी सुविधाओं जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।इन योजनाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच वित्तीय साझेदारी की व्यवस्था होती है।राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर होने पर कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में केंद्र से मिलने वाली सहायता और समय पर धन जारी होना महत्वपूर्ण होता हैमुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं पर भी मंथन
युमनाम खेमचंद सिंह ने बैठक के दौरान मणिपुर में संचालित बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी।इन्हें Externally Aided Projects (EAPs) कहा जाता है।ऐसी परियोजनाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और विकास साझेदारों से सहायता प्राप्त की जा सकती है।मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति और उनके क्रियान्वयन से संबंधित पहलुओं पर केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ चर्चा की।हालांकि, बैठक में किसी विशेष परियोजना के लिए नई धनराशि स्वीकृत किए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मणिपुर के बजट में वित्तीय सुधार की चुनौती
मणिपुर सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।बजट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 68,823 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।राज्य का कुल व्यय, ऋण अदायगी को छोड़कर, लगभग 24,528 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।वहीं, उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियां लगभग 23,106 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।सरकार ने राजकोषीय घाटे को राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के 2.1 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।इन आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य सरकार के सामने विकास संबंधी आवश्यकताओं और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।
विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए भी आर्थिक संसाधन जरूरी
मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं।इन परिवारों के पुनर्वास, आवास, आजीविका और आवश्यक सुविधाओं के लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है।इससे पहले फरवरी 2026 में भी मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी।उस बैठक में वित्त मंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और हिंसा प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया था।वर्तमान मुलाकात को राज्य की आर्थिक पुनर्बहाली के लिए जारी प्रयासों की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
वित्त मंत्री ने हरसंभव सहायता का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।उन्होंने मणिपुर की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता और सहयोग देने का आश्वासन दिया।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को मणिपुर का पारंपरिक 'लेंग्यान' और भगवान राधा-कृष्ण का एक चित्र भी भेंट किया।हालांकि, बैठक में अतिरिक्त वित्तीय सहायता की किसी निश्चित राशि या धनराशि जारी करने की समयसीमा की घोषणा नहीं हुई है।
आर्थिक स्थिति में सुधार पर राज्य सरकार की नजर
मणिपुर सरकार के सामने राजस्व संग्रह बढ़ाने, विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाने की चुनौती बनी हुई है।मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात को इन्हीं वित्तीय आवश्यकताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने पर मणिपुर में बुनियादी ढांचे के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिल सकती है। फिलहाल राज्य सरकार की मांगों पर केंद्र के आगामी निर्णय और संभावित वित्तीय आवंटन पर नजर रहेगी।