Manipur में सुरक्षा बलों का बड़ा युद्धाभ्यास, सीमावर्ती इलाकों में हुआ हवाई ऑपरेशन
Imphal इम्फाल: मणिपुर के संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में सैकड़ों छात्रों ने शुक्रवार, 16 मई, 2025 को बड़े पैमाने पर हवाई हमले की मॉक ड्रिल देखी, जिसका कोडनेम 'ऑपरेशन अभ्यास' था। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अधिकृत इस अभ्यास में हवाई हमले और उसके बाद की आपातकालीन प्रतिक्रिया का अनुकरण किया गया।
समन्वित अभ्यास जिरीबाम (असम की सीमा पर), सेनापति (नागालैंड की सीमा पर) और कामजोंग (म्यांमार की सीमा पर) के जिला मुख्यालयों में हुआ।
इस सहयोगात्मक प्रयास में मणिपुर पुलिस, अग्निशमन सेवा, केंद्रीय बल, विभिन्न राज्य सरकार के विभाग, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईके, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और स्थानीय स्कूलों सहित कई एजेंसियां शामिल थीं।
म्यांमार के साथ भारत के सबसे पूर्वी सीमा क्षेत्र मणिपुर के कामजोंग में, कामजोंग हायर सेकेंडरी स्कूल में सुबह 10:30 बजे मॉक ड्रिल शुरू हुई। डीसी कामजोंग रंगनामी रंग पीटर, एसपी कामजोंग निंगसेम वाशुम, 8एआर के सीओ सुमित आचार्य और बीएसएफ प्रभारी संजय बेनीवाल समेत प्रमुख अधिकारियों ने 14 स्वयंसेवकों के सहयोग से लगभग 250 छात्रों की भागीदारी की देखरेख की।
नागालैंड सीमा के पास सेनापति में मिनी सचिवालय परिसर में सुबह 10:30 बजे इसी तरह का अभ्यास किया गया। बाद में दोपहर 2:00 बजे जिरीबाम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान में जिरीबाम जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘ऑपरेशन अभ्यास’ का भी आयोजन किया गया।
इसके अलावा, जिरीबाम जिला प्रशासन ने शुक्रवार को दोपहर 2 बजे जिरीबाम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान में ऑपरेशन अभ्यास भी आयोजित किया।
कार्यक्रमों के दौरान, विद्यार्थियों ने पुलिस पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से हवाई हमले की चेतावनी के सायरन, दमकल गाड़ियों के सायरन की सक्रियता, पुलिस गश्ती वाहनों के माध्यम से घोषणाएं सुनीं, तथा ब्लैकआउट उपाय, खोज और बचाव अभियान, क्षतिग्रस्त भवनों से हताहतों को निकालना, अस्थायी अस्पताल की स्थापना, संकटग्रस्त क्षेत्रों से नागरिकों को बंकरों में ले जाना आदि देखा, तथा ‘शत्रुतापूर्ण हमले’ की स्थिति में स्वयं की रक्षा के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों को प्रशिक्षण दिया।