इंफाल: मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले के माकुई इलाके से अलग-अलग समुदायों के बीच हथियारों के साथ हुई झड़पों की खबरें आई हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, करीब 12 घंटे तक चली हिंसा में नागा समुदाय के लगभग 41 घर और कई चर्च नष्ट हो गए।
इस तबाही से मुख्य रूप से तीन बस्तियां प्रभावित हुईं: माकुई चमरियुपई, माकुई थानंबा और माकुई थेबराम। इलाके के प्रतिनिधियों ने बताया कि माकुई चमरियुपई में 17, माकुई थानंबा में 8 और माकुई थेबराम में 16 घर पूरी तरह नष्ट हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आगजनी की घटना 23 सितंबर को दोपहर करीब 2:30 बजे शुरू हुई और अगले दिन सुबह 2:30 बजे तक जारी रही। विस्थापित निवासियों ने आरोप लगाया कि कुकी उग्रवादियों ने ये हमले किए।
प्रभावित निवासियों ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों के 10 किलोमीटर के दायरे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के जवान तैनात थे, लेकिन हिंसा के दौरान उन्होंने कोई दखल नहीं दिया।
वहां से निकाले गए ग्रामीणों ने बताया कि घर जलाए जाने के बाद भी वे लगभग आधे दिन तक वहीं रुके रहे और उसके बाद ही अपने घर छोड़े। विस्थापित परिवारों ने अब माकुई गांव के बड़े केंद्र में शरण ली है।
शुरुआती आगजनी के बाद, गुरुवार दोपहर कुकी और नागा समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच छिटपुट झड़पों की खबरें भी सामने आईं।
खबर लिखे जाने तक, बाद में हुई इन झड़पों की आधिकारिक एजेंसियों द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी थी। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों ने कहा कि अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
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