इंफाल: नागालैंड के साथ सीमा साझा करने वाले मणिपुर के तमेंगलोंग जिले के तमेई उप-मंडल के तहत ताकौ क्षेत्र में सोमवार सुबह नागा समुदाय के एक 17 वर्षीय युवक की कथित तौर पर घात लगाकर हत्या कर दी गई।
पीड़ित की पहचान ताकौ गांव के निवासी एनके विफेनबौ के रूप में हुई है, जिस पर कथित तौर पर सुबह लगभग 10:00 बजे अपने स्कूल लौटते समय ऊपरी ताकौ और मालेक गांव के बीच हमला किया गया था।
नागा गांव के स्वयंसेवकों ने बाद में एक संकीर्ण रास्ते पर उसका शव खोजा। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि युवक की हत्या दबाव में की गई थी, हालांकि घटना के सटीक मकसद और परिस्थितियों की पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्र घात लगाकर किए गए हमले का श्रेय कुकी नेशनल फ्रंट (पी), कुकी नेशनल फ्रंट (एन) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (केआरए) के कैडरों को देते हैं। कथित तौर पर सशस्त्र समूह केएनएफ/यूपीएफ के कमांडर जांगबोई किपगेन की कमान के तहत काम कर रहा था।
संयुक्त जनजाति परिषद (जेटीसी) की कार्य समिति ने एक प्रेस बयान जारी कर हत्या की निंदा की और इसे आतंकवादी कृत्य बताया।
परिषद ने आरोप लगाया कि इसमें शामिल संगठन, सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षरकर्ता होने के बावजूद, आतंक और नार्को-आतंकवाद में लगे हुए हैं।
जेटीसी ने राज्य और केंद्र दोनों सरकारों से हत्या की निंदा करने, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने, पीड़ित के लिए न्याय सुनिश्चित करने और नागा गांवों के लिए सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया।
जेटीसी द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।
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