WHO ने बुंदीबुग्यो वायरस को PHEIC घोषित किया

Update: 2026-06-05 04:43 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: 17 मई 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुंदीबुग्यो वायरस से उत्पन्न इबोला बीमारी को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न (PHEIC) घोषित किया। इस वैश्विक चेतावनी के बाद भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसी क्रम में पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी निगरानी और तैयारियों को और अधिक मजबूत किया गया है।

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के आधार पर पुणे एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता उपाय लागू किए गए हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने संभावित जोखिम को देखते हुए यात्रियों की जांच और निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किया है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।

एयरपोर्ट पर पब्लिक हेल्थ ऑफिस (APHO), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), इमिग्रेशन विभाग, कस्टम्स, एयरलाइंस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य संबंधित एजेंसियों को मिलाकर एक समन्वित रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार किया गया है। इस प्रणाली का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों के अनुसार, सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और तैयारियों की समीक्षा के लिए 26 मई 2026 को पुणे एयरपोर्ट के डायरेक्टर की अध्यक्षता में एक मल्टी-एजेंसी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियों की समीक्षा प्रस्तुत की और आपसी तालमेल को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।

बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्री के आगमन के समय स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावी रहे और संदिग्ध मामलों की तुरंत पहचान की जा सके। साथ ही एयरपोर्ट पर तैनात सभी एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जाए।

एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां लगातार सतर्क स्थिति में काम कर रही हैं। यात्रियों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य जांच और निगरानी प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संचालित किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे वैश्विक स्वास्थ्य अलर्ट के बाद एयरपोर्ट्स पर बहु-एजेंसी समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है, जिससे संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके। पुणे एयरपोर्ट पर लागू यह प्रणाली इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्वास्थ्य मंत्रालय तथा एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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