Vakola पुलिस ने 25 साल से भारत में रह रहे केन्याई नागरिक को हिरासत में लिया

Update: 2026-06-02 05:17 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: वकोला पुलिस ने एक 61 वर्षीय केन्याई नागरिक ओसिनो एंथनी ओमोंडी को हिरासत में लिया है, जिस पर आरोप है कि वह लगभग 25 साल से वैध दस्तावेज़ों के बिना भारत में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि ओमोंडी का पासपोर्ट और वीज़ा एक्सपायर हो चुके थे।

ओमोंडी वकोला के जवाहरलाल नेहरू रोड पर स्थित बिस्मिल्लाह सैदु चॉल में अकेले रहता था। पुलिस के अनुसार, ओमोंडी 1991 में पढ़ाई के लिए मुंबई आए थे। उन्होंने 2000 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।

क्राइम पुलिस इंस्पेक्टर वरुण बंदकर ने कहा कि इसके बाद ओमोंडी ने मेडिकल ट्रीटमेंट और दवाओं के लिए भारत आने वाले केन्याई नागरिकों को मदद करना शुरू किया। यह गतिविधि धीरे-धीरे उनकी रोज़ी-रोटी का जरिया बन गई। उन्होंने इन विदेशियों के लिए स्थानीय अस्पतालों और मेडिकल सर्विसेज़ के संपर्क में रहने में सहायता की।

पुलिस ने यह भी बताया कि हिरासत में लिए गए ओमोंडी ने पिछले दो दशकों में अपने वैध दस्तावेज़ों को अपडेट नहीं कराया था। पासपोर्ट और वीज़ा की अवधि खत्म होने के बावजूद वह भारत में रह रहे थे। इसके चलते वकोला पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारी वरुण बंदकर ने कहा कि इस मामले में आगे की कार्रवाई भारतीय इमिग्रेशन कानून और विदेशियों के लिए लागू नियमों के तहत की जाएगी। हिरासत में लिए गए ओमोंडी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि उन्होंने वैध दस्तावेज़ न होने के बावजूद लंबे समय तक भारत में रहने की अनुमति कैसे बनाई।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऐसे व्यक्तियों के बारे में जानकारी दें, जो अवैध रूप से देश में रह रहे हों। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई सुरक्षा और कानून के पालन के लिए महत्वपूर्ण है।

ओमोंडी के संबंध में स्थानीय पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि वह शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और आम तौर पर किसी को परेशान नहीं करते थे। हालांकि, लंबे समय से वैध दस्तावेज़ न होने के कारण यह मामला गंभीर कानूनी मसले में बदल गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशियों की कानूनी स्थिति पर निगरानी रखना और नियमों का पालन कराना नागरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए जरूरी है। वकोला पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना जताई है।

इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि लंबे समय तक वैध दस्तावेज़ों के बिना देश में रहना गंभीर अपराध है, और भारतीय कानून ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करता है।

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