कपड़ों को लेकर सिंहगढ़ किले पर बवाल महिला समेत पर्यटकों से मारपीट का आरोप
पुणे। महाराष्ट्र के ऐतिहासिक सिंहगढ़ किले पर कपड़ों को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती और उसके परिवार के साथ एक दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े लोगों ने मारपीट की। विवाद उस समय शुरू हुआ जब कुछ लोगों ने पर्यटकों के पहनावे पर आपत्ति जताई। मामले में पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना पुणे के पास स्थित प्रसिद्ध सिंहगढ़ किले की बताई जा रही है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति तानाजी मालुसरे के पराक्रम से जुड़ा हुआ है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने पहुंचते हैं। इसी ऐतिहासिक स्थल पर कपड़ों को लेकर हुए विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा शुरू कर दी है।
हाफ पैंट पहनने को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने परिवार और दोस्तों के साथ सिंहगढ़ किले पर घूमने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वापस लौटते समय कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और पहनावे को लेकर सवाल करने लगे।
आरोप है कि संगठन से जुड़े लोगों ने युवती और उसके साथ मौजूद लोगों के कपड़ों पर आपत्ति जताई। इसके बाद बातचीत बढ़ते-बढ़ते विवाद में बदल गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बहस के दौरान एक व्यक्ति ने थप्पड़ मारा और एक महिला ने पीड़ित की पत्नी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। पुलिस शिकायत में मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
चार पर्यटक समूहों के साथ बदसलूकी का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित तौर पर इसी समूह ने किले पर मौजूद अन्य पर्यटकों के साथ भी विवाद किया था। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कुछ लोगों के साथ मारपीट की गई और उन्हें परेशान किया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने हवेली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कुल 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपियों में तीन महिलाओं के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
वीडियो हुआ वायरल
इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो में कुछ लोगों के बीच बहस और हाथापाई जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया गया है।
सोशल मीडिया पर घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे नैतिक पहरेदारी का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की मर्यादा को लेकर बहस कर रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को आधार बनाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और मारपीट में किस-किस की भूमिका रही।
पहनावे और सार्वजनिक स्थानों पर बहस
यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर पहनावे को लेकर होने वाली बहस को सामने लाती है। भारत में कई बार धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर ड्रेस कोड और व्यवहार को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ हिंसा या जबरदस्ती करना कानून के खिलाफ है। अगर किसी स्थान पर कोई नियम है तो उसे प्रशासनिक तरीके से लागू किया जाना चाहिए।
पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल
सिंहगढ़ जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि पर्यटन स्थलों पर किसी भी तरह की निजी निगरानी या लोगों के साथ जबरदस्ती रोकने के प्रयासों पर कैसे नियंत्रण किया जाए।