मुंबई: महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने रविवार को हिरासत से रिहा होने के बाद सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि चल रहे विरोध प्रदर्शन सरकार के खिलाफ़ जनता का "अविश्वास प्रस्ताव" हैं और वे तब तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं दे देते और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी कैबिनेट पद नहीं छोड़ देती।
मीडिया से बात करते हुए तुषार गांधी ने बताया कि सबसे पहले उन्हें D.N. नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
इसके बाद, उन्हें बताया गया कि सीनियर सिटिज़न होने के नाते उनकी मेडिकल जांच करानी होगी। फिर उन्हें बोरीवली स्टेशन ले जाया गया। शनिवार शाम 6 बजे उन्हें बताया गया कि उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन उनका फ़ोन उन्हें वापस नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ आए कॉन्स्टेबल के पास उनका फ़ोन था, लेकिन वह अभी भी उन्हें नहीं सौंपा गया। उन्होंने आगे बताया कि बाद में चार अधिकारी उन्हें उसी गाड़ी में घर ले गए।
गांधी ने कहा कि उनकी हिरासत और दूसरे आयोजकों को पकड़े जाने के बावजूद, मुंबई के लोग अगस्त क्रांति मैदान आते रहे और जनता अपनी मर्ज़ी से इस आंदोलन में हिस्सा ले रही थी।
उन्होंने इन विरोध प्रदर्शनों को सरकार के खिलाफ़ लोगों का "अविश्वास प्रस्ताव" बताया।
गांधी ने वादा किया कि वे पूरे भारत में हर हफ़्ते ऐसे ही विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे, जब तक कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार पद नहीं छोड़ देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनावों में हेरफेर का सहारा लिया है और कहा कि देश और उसके नागरिक लोकतंत्र की रक्षा में कभी कमज़ोर नहीं पड़े हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन पुलिस की आज़ादी के लिए लड़ा जा रहा है।
क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का ज़िक्र करते हुए गांधी ने कहा: "मैं सोनम वांगचुक से कहूंगा कि वे सिर्फ़ बयान न दें, बल्कि सड़कों पर उतरें। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।"
गांधी ने कहा कि शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं और मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शनों से पता चलता है कि आम नागरिक अपनी मर्ज़ी से सरकार का विरोध करने के लिए बाहर आ रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि आयोजकों की हिरासत के बावजूद जन-आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों की तर्ज पर, शनिवार को मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी।
हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान और उसके आस-पास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए। कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए और अगस्त क्रांति मैदान तक जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंदोलन में शामिल होने आए सभी लोगों को हिरासत में भी ले लिया।