पैसे या सिफारिश से अधिकारी बनने की व्यवस्था जनता के लिए नुकसानदायक: रोहित पवार
Maharashtra महाराष्ट्र। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन की वकालत की है। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए लोगों को प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से आगे आना चाहिए और किसी भी तरह के पैसे या प्रभाव के इस्तेमाल से पद हासिल करना व्यवस्था और जनता दोनों के लिए नुकसानदायक है।
रोहित पवार ने अधिकारी तुकाराम मुंढे के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मानना था कि जो भी व्यक्ति सिस्टम का हिस्सा बनना चाहता है, उसे प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए अपनी योग्यता साबित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पैसे देकर या अपने संबंधों का इस्तेमाल कर व्यवस्था में ऊपर पहुंचता है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।
एनसीपी (एसपी) विधायक ने कहा कि सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों की जिम्मेदारी सीधे जनता से जुड़ी होती है। ऐसे में चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और योग्यता सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था में यदि गलत तरीकों से नियुक्तियां होती हैं तो उसका प्रभाव प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और जनता के भरोसे पर पड़ता है।
रोहित पवार ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं और प्रशासनिक नियुक्तियों में पारदर्शिता को लेकर लगातार बहस होती रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत और निष्पक्ष व्यवस्था के लिए जरूरी है कि योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिले और किसी भी प्रकार की अनुचित प्रक्रिया को बढ़ावा न दिया जाए।