Maharashtra महाराष्ट्र : राजनीति में एक बार फिर गठबंधन की हलचल तेज हो गई है। एनसीपी (अजीत पवार गुट) के वरिष्ठ नेता सुनील दत्तात्रय तटकरे ने स्पष्ट कहा है कि आगामी चुनावों में महागठबंधन एकजुट होकर मैदान में उतरेगा। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दलों के बीच सहमति बन चुकी है और अब लक्ष्य केवल “मजबूत और स्थिर सरकार” बनाना है। तटकरे ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमने तय किया है कि आने वाले चुनाव में महागठबंधन पूरी एकजुटता के साथ आगे बढ़ेगा। जो भी छोटे-मोटे मतभेद हैं, उन्हें बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। महाराष्ट्र की जनता स्थिरता और विकास चाहती है, और हम वही देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

सूत्रों के अनुसार, यह बयान महागठबंधन के घटक दलों — एनसीपी (अजीत पवार), बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) — के बीच हाल ही में हुई रणनीतिक बैठक के बाद सामने आया है। बैठक में सीट शेयरिंग, प्रचार रणनीति और क्षेत्रीय समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान विपक्षी गठबंधन ‘महाआघाड़ी’ को सीधी चुनौती है, जो अभी भी आंतरिक मतभेदों से जूझ रहा है। तटकरे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “महाआघाड़ी के नेता आपस में ही उलझे हुए हैं, जबकि हमारा गठबंधन जनता के मुद्दों पर केंद्रित है। हमने पिछले डेढ़ साल में राज्य के विकास के लिए जो काम किए हैं, जनता उन्हें देख रही है। 

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री अजीत पवार और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जिन्हें जनता का व्यापक समर्थन मिला है। एनसीपी नेता ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में महागठबंधन की ओर से संयुक्त रैलियों और जनसभाओं की घोषणा की जाएगी, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व भी शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक हलकों में तटकरे के इस बयान को महागठबंधन की चुनावी तैयारियों की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
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