मुंबई: कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गई है। पूर्व मंत्री पदमसिंह पाटिल और सात अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के सत्र न्यायालय फैसले को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

निंबालकर की वर्ष 2006 में हत्या कर दी गई थी। मुंबई की एक सत्र अदालत ने 20 जून को आरोप साबित नहीं होने का हवाला देते हुए आरोपियों को बरी कर दिया था। सीबीआई ने अपनी अपील में कहा है कि सत्र अदालत का फैसला 'कानून की दृष्टि से गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए'। अपील पर इस सप्ताह न्यायमूर्ति एस वी कोतवाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ सुनवाई कर सकती है। पिछले महीने पवनराजे की पत्नी और शिवसेना सांसद ओमराजे निंबालकर की मां आनंदीदेवी निंबालकर ने भी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। अदालत ने इस पर पाटिल और बरी किए गए अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था।

पवनराजे निंबालकर अपने चालक समद काजी के साथ 3 जून 2006 को मुंबई से धाराशिव जा रहे थे, तभी नवी मुंबई के कलंबोली में दो लोगों ने उनकी कार को रोककर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस मामले की शुरुआती जांच नवी मुंबई पुलिस ने की थी। लेकिन निंबालकर की पत्नी ने जांच की प्रगति पर असंतोष जताया था। इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

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