सुप्रीम कोर्ट ने Hit and Run पर कहा: "ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाना चाहिए"
Mumbai मुंबई: सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हुए हिट एंड रन केस में अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने आरोपी मिहिर शाह की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाना चाहिए। जस्टिस दीपांकर दत्ता और ए.जी. मसीह की बेंच ने कहा कि आरोपी ने न सिर्फ़ तेज़ रफ़्तार कार से बाइक पर जा रहे कपल को टक्कर मारी, बल्कि मौके से भाग भी गया। कोर्ट ने उसे किए गए अपराध के लिए कुछ दिनों तक जेल में रहने का आदेश दिया।
पिछले साल मुंबई के वर्ली इलाके में शिवसेना नेता राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह नशे में धुत होकर BMW कार चला रहा था और उसने एक चलती हुई स्कूटर को टक्कर मार दी। स्कूटर पर सवार कपल नीचे गिर गए। इसके बाद कार महिला के ऊपर से गुज़र गई। इस घटना में कावेरी नकवा (45) नाम की महिला की मौके पर ही मौत हो गई। उसके पति घायल हो गए।
इस बीच, हादसे के बाद मिहिर ने अपनी कार थोड़ी दूर छोड़कर ऑटो से वहां से भाग गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मिहिर ने हिट एंड रन केस में जमानत के लिए मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की। लेकिन कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। इसलिए, उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।