Mumbai मुंबई: शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) अब एक आंतरिक मुद्दा बन चुका है। उनके अनुसार गठबंधन टूट चुका है, और तीनों पार्टियां अब एकजुट नहीं हैं। प्रत्येक पार्टी अब सीटों के लिए अन्य पार्टियों से अलग-अलग मांग कर रही है।
हेगड़े ने जोर देकर कहा कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक समझौते और सीट वितरण के असंतुलन के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि शिवसेना अपनी रणनीति और जनादेश के अनुसार आगे बढ़ रही है और गठबंधन में होने वाले विवादों का सामना कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब एमवीए के तीनों दलों के बीच कोई साझा निर्णय लेना मुश्किल हो गया है।
कृष्णा हेगड़े ने यह स्पष्ट किया कि शिवसेना जनता और पार्टी संगठन की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए आगामी चुनावों में अपने कदम तय करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति राजनीतिक स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण है और आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव की संभावना बढ़ गई है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों और राज्य की जरूरतों के अनुसार शिवसेना अपनी भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बैठकें लगातार चल रही हैं ताकि चुनावी रणनीति और आगामी कदम स्पष्ट रूप से तय किए जा सकें। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एमवीए का टूटना महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर को नया रूप देगा और आगामी चुनावों में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बीच प्रतिस्पर्धा और तीव्र होगी।