नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वार्षिक विजयादशमी उत्सव मंगलवार, 20 अक्टूबर को नागपुर के रेशिमबाग मैदान में शुरू हुआ। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों और आमंत्रित अतिथियों ने भाग लिया। 
राष्ट्रनिष्ठा और कर्तव्यबोध का संदेश
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोहन भागवत ने अपने संबोधन में राष्ट्रनिष्ठा और कर्तव्यबोध की आवश्यकता पर जोर दिया। संघ के वार्षिक विजयादशमी संबोधन में सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विषयों पर संगठन का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जाता है।
शस्त्र पूजन से हुई शुरुआत
विजयादशमी उत्सव में शस्त्र पूजन संघ की पारंपरिक गतिविधियों का हिस्सा है। इस वर्ष भी भागवत ने पूर्ण गणवेश में पूजन किया। वरिष्ठ पत्रकार संजय गुप्ता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।  कार्यक्रम के दौरान भागवत और मुख्य अतिथि ने स्मृति मंदिर में संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर को पुष्पांजलि अर्पित की। 
संघ के स्थापना दिवस का भी महत्व
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में की थी। इसलिए यह पर्व संगठन के स्थापना दिवस के रूप में भी महत्व रखता है। इस वर्ष का समारोह संघ के शताब्दी आयोजनों के समापन की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया है
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