महाराष्ट्र में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के लिए जोर-शोर से रजिस्ट्रेशन
मुंबई। महाराष्ट्र का कौशल विकास विभाग ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रतियोगिता के लिए महाराष्ट्र से अब तक 3,000 से अधिक छात्र और युवा इनोवेटर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। वहीं, गोवा, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव तथा छत्तीसगढ़ से भी 6,000 से अधिक लोगों ने प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए साइन-अप किया है। महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और नवाचार से जुड़े लोगों को अपने विचार तथा नए समाधान प्रस्तुत करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। प्रतियोगिता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कई राज्यों में संचालित किया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है।
महाराष्ट्र से 3,000 से अधिक लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के मुताबिक, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ को लेकर युवाओं में भागीदारी बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं। महाराष्ट्र से अब तक 3,000 से अधिक छात्र और युवा नवप्रवर्तक प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
इसके अलावा, गोवा, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव तथा छत्तीसगढ़ से 6,000 से अधिक लोगों ने इसमें हिस्सा लेने के लिए साइन-अप किया है। इन आंकड़ों के आधार पर आयोजक अधिक से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ने और प्रतियोगिता में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहे हैं।
विभाग का प्रयास है कि प्रतियोगिता में केवल बड़े शहरों के विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी हिस्सा लें। इसके लिए पंजीकरण और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए
मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कौशल विकास विभाग को प्रतियोगिता में भागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों तक इस पहल की जानकारी पहुंचाने और उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और युवा नवप्रवर्तकों को भी अपने विचार प्रस्तुत करने के अवसर मिलें, इसके लिए विभाग भागीदारी का दायरा बढ़ाने में जुटा है। प्रतियोगिता का उद्देश्य विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले लोगों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने नवाचार और समाधान सामने रख सकें।
राज्य सरकार की ओर से भागीदारी बढ़ाने की कोशिशों के बीच रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख को ध्यान में रखते हुए युवाओं तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
17 अक्टूबर तक खुले रहेंगे रजिस्ट्रेशन
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के लिए रजिस्ट्रेशन 21 सितंबर को शुरू हुए थे। पंजीकरण की प्रक्रिया 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इच्छुक प्रतिभागियों के पास निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करने का अवसर है।
इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए किसी एक खास शैक्षणिक या व्यावसायिक वर्ग तक भागीदारी सीमित नहीं रखी गई है। विद्यार्थी, व्यक्तिगत नवप्रवर्तक, रिसर्च स्कॉलर, प्रोफेसर, स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई इसमें भाग ले सकते हैं।
इसके अलावा, कंपनियां, सामाजिक संगठन और शिक्षण संस्थान भी प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। आयोजकों ने इसमें उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं की है। इसका अर्थ है कि अलग-अलग उम्र और पेशे से जुड़े लोग अपने नवाचार संबंधी विचारों के साथ भागीदारी कर सकते हैं।
युवाओं और नवप्रवर्तकों को मिलेगा मंच
नवाचार से जुड़ी प्रतियोगिताएं प्रतिभागियों को नए विचार प्रस्तुत करने और समस्याओं के समाधान तलाशने का अवसर देती हैं। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल किए जाने से विद्यार्थियों के साथ-साथ शोधकर्ताओं, उद्यमियों और सामाजिक संगठनों को भी भागीदारी का अवसर मिलेगा।
इस प्रतियोगिता में स्टार्टअप और एमएसएमई की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये संस्थाएं नए उत्पादों, तकनीकों और सेवाओं के विकास से जुड़ी होती हैं। वहीं, शिक्षण संस्थानों और शोधकर्ताओं की भागीदारी से नए विचारों तथा शोध आधारित समाधानों को सामने लाने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, प्रतियोगिता के तहत प्रस्तुत किए जाने वाले नवाचारों की श्रेणियों, चयन प्रक्रिया और पुरस्कारों के विस्तृत विवरण की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में इन पहलुओं को लेकर आयोजकों की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने पर विभाग का फोकस
महाराष्ट्र का कौशल विकास विभाग इस प्रतियोगिता में ज्यादा से ज्यादा युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए राज्य के भीतर और दूसरे क्षेत्रों में भी प्रतिभागियों को जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि महाराष्ट्र के अलावा गोवा, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव तथा छत्तीसगढ़ से भी 6,000 से अधिक लोग साइन-अप कर चुके हैं। इन क्षेत्रों से मिल रही भागीदारी के बीच विभाग की कोशिश है कि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख तक अधिक से अधिक लोग प्रतियोगिता में शामिल हों।
फिलहाल, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के लिए पंजीकरण 17 अक्टूबर तक जारी रहेंगे। महाराष्ट्र सरकार का कौशल विकास विभाग विद्यार्थियों, युवा नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और संस्थानों की भागीदारी बढ़ाने में जुटा है। प्रतियोगिता के जरिए अधिक से अधिक लोगों को नवाचार का अवसर देने और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की जा रही है।