नासिक। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र का अपना दौरा पूरा करने के बाद नासिक से रवाना हुईं। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रपति को औपचारिक रूप से विदाई दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, मंत्री जयकुमार रावल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति के प्रस्थान के अवसर पर राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बना दिया। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा कर राष्ट्रपति की विदाई की जानकारी दी।
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य का अपना निर्धारित दौरा पूरा किया और इसके बाद नासिक से रवाना हुईं। इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें विदा किया। राष्ट्रपति के दौरे के समापन पर आयोजित यह औपचारिक विदाई कार्यक्रम संवैधानिक पदों के बीच सम्मान और शिष्टाचार की परंपरा का हिस्सा रहा।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक से रवाना हो रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को विदाई दी। पोस्ट में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा अजीत पवार, मंत्री जयकुमार रावल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति का भी उल्लेख किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का महाराष्ट्र दौरा राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहा। राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी हैं और विभिन्न राज्यों की यात्राओं के दौरान सरकारी, शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। इन दौरों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आयोजनों को विशेष पहचान मिलती है। साथ ही राष्ट्रपति की उपस्थिति से राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले कार्यक्रमों का महत्व भी बढ़ जाता है।
नासिक महाराष्ट्र के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक शहरों में शामिल है। यह शहर गोदावरी नदी के तट पर स्थित है और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। नासिक और त्र्यंबकेश्वर का धार्मिक महत्व देशभर में प्रसिद्ध है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति का नासिक दौरा प्रशासनिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने महाराष्ट्र प्रवास के दौरान नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ से जुड़े ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी भाग लिया। सिंहस्थ कुंभ भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाला कुंभ देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से इस आयोजन से जुड़ी तैयारियों और सांस्कृतिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष ध्यान मिला।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां आने वाले समय में बड़े स्तर पर की जानी हैं। इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं, संतों और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे बड़े आयोजनों के लिए प्रशासन को परिवहन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाएं तैयार करनी होती हैं।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती हैं। राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय सुरक्षा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। नासिक से राष्ट्रपति की विदाई के दौरान भी राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति इसी औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा रही।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा महाराष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख के रूप में राज्य में राष्ट्रपति के प्रतिनिधि की भूमिका निभाते हैं। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। राष्ट्रपति के दौरे के समापन पर दोनों का उपस्थित रहना संवैधानिक शिष्टाचार और प्रशासनिक समन्वय को दर्शाता है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजीत पवार की मौजूदगी भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। इसके अलावा मंत्री जयकुमार रावल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन सभी की उपस्थिति की पुष्टि अपने सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं। उन्होंने 25 जुलाई 2022 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी। सार्वजनिक जीवन में उनका लंबा अनुभव रहा है।
राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू देश के विभिन्न राज्यों का दौरा करती रही हैं। इन यात्राओं के दौरान वह शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, जनजातीय कल्याण, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय विकास जैसे विषयों पर अपने विचार रखती हैं। विभिन्न राज्यों के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी देश की सांस्कृतिक विविधता और संवैधानिक परंपराओं को भी रेखांकित करती है।
महाराष्ट्र अपनी ऐतिहासिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के कारण देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी के रूप में जानी जाती है, जबकि पुणे, नागपुर, नासिक और अन्य शहर शिक्षा, उद्योग, प्रशासन तथा धार्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। राष्ट्रपति की राज्य यात्रा ऐसे विविध महत्व वाले प्रदेश के साथ संवैधानिक संवाद का अवसर भी प्रदान करती है।
नासिक से राष्ट्रपति के प्रस्थान की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने सार्वजनिक रूप से साझा की। सरकारी सोशल मीडिया माध्यमों से इस प्रकार की जानकारी जारी किए जाने से नागरिकों को संवैधानिक पदाधिकारियों के कार्यक्रमों और आधिकारिक गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के महाराष्ट्र दौरे के समापन के साथ ही नासिक में उनका निर्धारित कार्यक्रम पूरा हो गया। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें विदाई दी। इस अवसर पर राज्य सरकार के प्रमुख प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने राष्ट्रपति के दौरे के समापन को औपचारिक और गरिमामय स्वरूप दिया।
फिलहाल महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को नासिक से रवाना हो गई हैं। उनका यह दौरा राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले कार्यक्रमों के संदर्भ में उल्लेखनीय रहा।