मुंबई। IIT बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने गुरुवार को संस्थान पहुंचकर मौके पर विस्तृत जांच की। NCSC के चेयरमैन किशोर मकवाना ने IIT बॉम्बे के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों से बातचीत कर 18 सितंबर की घटनाओं और छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों की जानकारी ली। साहिल के परिवार ने जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच भी कर रही है।साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। 18 सितंबर को वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत मिला था। इससे कुछ घंटे पहले वह मिड-सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हुआ था, जहां मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल को लेकर एक घटना हुई थी। इस घटनाक्रम और उसके बाद हुई मौत को लेकर पुलिस अब अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।
NCSC चेयरमैन ने अधिकारियों से की बातचीत
IIT बॉम्बे के दौरे के दौरान NCSC चेयरमैन किशोर मकवाना ने संस्थान के डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, रजिस्ट्रार और संबंधित फैकल्टी सदस्यों सहित वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। आयोग ने 18 सितंबर को हुई घटनाओं का क्रम समझने की कोशिश की और संस्थान से संबंधित जानकारी मांगी।जांच का खास फोकस मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान हुई घटना पर रहा। पुलिस के पास मौजूद CCTV फुटेज में साहिल की परीक्षा कक्ष के भीतर की गतिविधियां और बाद में उसे बाहर जाने के लिए कहे जाने का घटनाक्रम दिखाई देने की बात सामने आई है। मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल से जुड़े दावों की भी जांच की जा रही है।
परिवार ने लगाए हैं गंभीर आरोप
साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे संस्थान में जाति आधारित भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। इन आरोपों के आधार पर संबंधित पहलुओं को पुलिस जांच में शामिल किया गया है। हालांकि आरोप अभी जांच के अधीन हैं और इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।इसी बीच साहिल के माता-पिता रविंद्र और सोनाली वाकोडे ने गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने मामले की जांच तेजी से पूरी करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के अलावा पुलिस अन्य संभावित परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य परीक्षा कक्ष की घटना से लेकर साहिल की मौत तक की पूरी समयरेखा तैयार करना और उपलब्ध डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों की जांच करना है।
CCTV फुटेज की जांच कर रही क्राइम ब्रांच
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान IIT बॉम्बे परिसर के CCTV फुटेज को अपने कब्जे में लिया है। जांचकर्ता 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान और उसके बाद साहिल की गतिविधियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षा कक्ष के CCTV फुटेज में साहिल को मोबाइल फोन की तरफ देखते हुए दिखने का दावा किया गया है। इसके बाद परीक्षा निरीक्षक उसके पास पहुंचते हैं और बाद में उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा जाता दिखाई देता है। इन दृश्यों की व्याख्या और उससे जुड़े आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं।क्राइम ब्रांच ने साहिल के कुछ करीबी छात्रों के बयान भी दर्ज किए हैं। जांचकर्ता परीक्षा कक्ष में मौजूद विद्यार्थियों और दूसरे संबंधित लोगों से जानकारी जुटा रहे हैं ताकि उस दिन की घटनाओं का स्पष्ट क्रम स्थापित किया जा सके।
साहिल का फोन भी जांच के केंद्र में
क्राइम ब्रांच साहिल के डिजिटल उपकरणों की भी जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को उसके आईफोन तक पहुंच हासिल करने में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा के दौरान फोन पर क्या गतिविधि हुई थी और मौत से पहले उसकी डिजिटल गतिविधियां क्या थीं।इस डिजिटल जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और कथित तौर पर AI टूल के इस्तेमाल से जुड़े दावे पूरे घटनाक्रम का एक हिस्सा हैं। हालांकि इस संबंध में भी जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
IIT बॉम्बे ने भी बनाई जांच समिति
पुलिस और NCSC की जांच के साथ IIT बॉम्बे ने भी मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता IIT पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। इसमें फैकल्टी सदस्यों, छात्रों, एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, पूर्व विजिलेंस अधिकारी और मनोचिकित्सक को शामिल किया गया है।मामले में FIR में नामित फैकल्टी सदस्य प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया के मद्देनजर छुट्टी पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने अभी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
छात्रों के प्रदर्शन के बाद कई मांगें उठीं
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने लगातार प्रदर्शन किया। छात्रों ने संस्थान के सामने 18 सूत्रीय मांगों का चार्टर रखा और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ओपन हाउस की मांग की। इसके बाद संस्थान ने छात्रों के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू की।मामले को लेकर फैकल्टी के भीतर भी अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं। फैकल्टी फोरम ने संबंधित प्रोफेसर के लिए निष्पक्ष जांच और उचित प्रक्रिया की मांग की है। वहीं परिवार और प्रदर्शनकारी छात्र आरोपों की विस्तृत और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस इन अलग-अलग दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
NCSC ने परिवार से भी की मुलाकात
NCSC चेयरमैन का IIT बॉम्बे दौरा ऐसे समय हुआ जब साहिल के माता-पिता मुंबई में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोग ने मामले में परिवार की ओर से उठाए गए जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों को ध्यान में रखते हुए संस्थान से जानकारी जुटाई है।फिलहाल इस मामले में NCSC की जांच, IIT बॉम्बे की आंतरिक समिति की जांच और मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की आपराधिक जांच अलग-अलग स्तर पर जारी है। क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, छात्रों और फैकल्टी के बयान तथा 18 सितंबर की पूरी समयरेखा की पड़ताल कर रही है।परिवार द्वारा लगाए गए जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। ऐसे में साहिल वाकोडे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और किसी व्यक्ति या संस्थागत कार्रवाई की इसमें कानूनी जिम्मेदारी बनती है या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।