Nashik : 13 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, निरीक्षण में मिलीं कई अनियमितताएं
नासिक : किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नासिक जिले में 13 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। कृषि विभाग ने यह कार्रवाई खरीफ 2026 सीजन की तैयारियों के बीच की है।
जिला कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई कृषि सेवा केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।
किसानों को बेहतर सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अभियान
खरीफ सीजन में किसानों को समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री मिल सके, इसके लिए कृषि विभाग ने जिलेभर में विशेष जांच अभियान शुरू किया था।
इस अभियान के तहत कृषि सेवा केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक, बिक्री प्रक्रिया, रिकॉर्ड और किसानों को दी जा रही सेवाओं की जांच की गई। विभाग की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर केंद्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर नियमों का पालन नहीं किया जाना पाया गया, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
ई-पीओएस रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी
जिला कृषि अधीक्षक और लाइसेंसिंग अधिकारी रवींद्र माने ने बताया कि जांच के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं।
उन्होंने बताया कि कुछ केंद्रों पर ई-पीओएस स्टॉक रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई। सरकारी व्यवस्था के तहत कृषि सामग्री की बिक्री और स्टॉक की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाती है, लेकिन कुछ दुकानदारों ने रिकॉर्ड में सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
इसके अलावा कई केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक और बिक्री से जुड़े आंकड़ों में भी अंतर पाया गया।
कीमत और स्टॉक डिस्प्ले नहीं किया गया
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ कृषि सेवा केंद्रों पर नियमों के अनुसार कीमत और स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी।
कृषि सामग्री बेचने वाले केंद्रों के लिए जरूरी है कि वे किसानों को उत्पादों की कीमत और उपलब्धता की स्पष्ट जानकारी दें। लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि कुछ दुकानदारों ने इस नियम का पालन नहीं किया।
अधिकारियों के अनुसार, इससे किसानों को सही जानकारी मिलने में परेशानी हो सकती है और अनियमित बिक्री की संभावना बढ़ जाती है।
रिकॉर्ड रखरखाव में भी लापरवाही
जांच के दौरान कई केंद्रों पर जरूरी दस्तावेजों और रिकॉर्ड के रखरखाव में कमी पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि कृषि सेवा केंद्रों को खरीद और बिक्री से जुड़े सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखना अनिवार्य है।
कुछ केंद्रों पर रिकॉर्ड अधूरे मिले या उनमें आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं थी। इसके अलावा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान से जुड़े नियमों का पालन भी नहीं किया गया।
किसानों से जुड़े नियमों का उल्लंघन
कृषि विभाग के अनुसार, कुछ केंद्र संचालकों ने तय ‘एम’ फॉर्म के तहत भुगतान प्रक्रिया का पालन नहीं किया। वहीं, किसानों से खरीद बिलों पर हस्ताक्षर लेने की अनिवार्यता का भी उल्लंघन पाया गया।
कृषि सामग्री की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और खरीद-बिक्री का सही रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़े नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग की ओर से आगे भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रखने की बात कही गई है।
अधिकारियों ने कहा कि कृषि सेवा केंद्रों को नियमों का पालन करना होगा। यदि भविष्य में जांच के दौरान दोबारा अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर
कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। बीज और उर्वरक की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और उचित कीमत भी महत्वपूर्ण है।
13 कृषि सेवा केंद्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को विभाग किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य कृषि केंद्रों की भी जांच की जा सकती है।