मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में गुरुवार, 22 अक्टूबर को तीन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विद्याविहार फ्लाईओवर, सायन रेलवे फ्लाईओवर और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) के अंतर्गत बनाए गए फ्लाईओवर का लोकार्पण करेंगे। लंबे समय से इन परियोजनाओं के शुरू होने का इंतजार कर रहे मुंबईवासियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन पुलों के शुरू होने से शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच आवागमन आसान होगा और व्यस्त सड़कों पर यातायात का दबाव कम हो सकेगा।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, तीनों परियोजनाओं का उद्घाटन गुरुवार दोपहर एक बजे वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े समारोह की अध्यक्षता करेंगी। तीनों परियोजना स्थलों पर उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।

लंबे इंतजार के बाद मुंबईवासियों को मिलेगी राहत

मुंबई में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव और यातायात जाम की समस्या को देखते हुए इन तीनों फ्लाईओवर परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई स्थानों पर सड़क मार्ग संकरा होने और रेलवे लाइन के कारण यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।

अब नए फ्लाईओवर शुरू होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे। इससे यात्रा में लगने वाला समय कम होने के साथ ईंधन की बचत होने की भी उम्मीद है।

बीएमसी ने बताया कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहर में पूर्व-पश्चिम संपर्क मजबूत करना, प्रमुख चौराहों पर जाम कम करना और नागरिकों को अधिक सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

विद्याविहार फ्लाईओवर से यात्रा का समय होगा कम

विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बनाया गया नया फ्लाईओवर इस परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। लगभग 650 मीटर लंबे इस पुल से रेलवे लाइन के दोनों तरफ रहने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

यह पुल पूर्वी हिस्से के रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को पश्चिमी हिस्से के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से जोड़ता है। इसमें रेलवे पटरियों के ऊपर करीब 100 मीटर लंबा मुख्य पुल बनाया गया है।

इसके अलावा पूर्वी दिशा में 220 मीटर और पश्चिमी दिशा में लगभग 330 मीटर लंबे संपर्क मार्ग तैयार किए गए हैं।

फ्लाईओवर के शुरू होने से व्यस्त समय में पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच यात्रा में लगने वाला समय 40 से 45 मिनट से घटकर लगभग 10 से 15 मिनट होने का अनुमान है।

इससे विद्याविहार, घाटकोपर और कुर्ला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

112 साल पुराने सायन पुल की जगह नया फ्लाईओवर

सायन रेलवे स्टेशन के पास स्थित पुराने रेलवे ओवरब्रिज को हटाकर नया पुल बनाया गया है। लगभग 112 साल पुराना यह पुल सुरक्षा की दृष्टि से अनुपयुक्त घोषित किया गया था।

पुराने पुल के बंद होने से आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ था। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा था, जिसके कारण कई सड़कों पर जाम की समस्या बढ़ गई थी।

नया सायन फ्लाईओवर धारावी, बांद्रा, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और कुर्ला को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग तथा ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पुल के पुनर्निर्माण का काम मध्य रेलवे और बीएमसी के समन्वय से किया गया है। रेलवे क्षेत्र में मुख्य पुल का निर्माण मध्य रेलवे ने किया, जबकि महानगरपालिका ने संपर्क मार्गों को मजबूत बनाने और अन्य जरूरी सुधारों की जिम्मेदारी संभाली।

रेलवे की पांचवीं और छठी लाइन के लिए भी महत्वपूर्ण

सायन रेलवे ओवरब्रिज का पुनर्निर्माण केवल सड़क यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि मुंबई की रेलवे व्यवस्था के विस्तार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के दूसरे चरण यानी एमयूटीपी-2 के अंतर्गत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कुर्ला के बीच पांचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाने की योजना है।

पुराने पुल की संरचना इस विस्तार में बाधा बन रही थी। नया पुल इस तरह तैयार किया गया है कि भविष्य में अतिरिक्त रेलवे लाइन बिछाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

इसके साथ यात्रियों के लिए पैदल आवागमन की सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर 1.26 किलोमीटर का फ्लाईओवर

मुंबई के पश्चिमी उपनगर गोरेगांव में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के अंतर्गत 1.26 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला फ्लाईओवर तैयार किया गया है।

यह फ्लाईओवर गोरेगांव पूर्व में रत्नागिरी होटल जंक्शन के पास स्थित है। इसके जरिए जनरल अरुण कुमार वैद्य मार्ग और संतोष नगर के बीच संपर्क बेहतर होगा।

इस परियोजना से दिंडोशी कोर्ट और आसपास के प्रमुख चौराहों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

फ्लाईओवर के निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें प्रीकास्ट कंक्रीट संरचनाओं और स्टील के विशेष हिस्सों का उपयोग किया गया है।

यह गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड की व्यापक परियोजना का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

मुंबई की यातायात व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

महानगर में सुबह और शाम व्यस्त समय के दौरान कई प्रमुख सड़कों पर भारी यातायात दबाव रहता है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है।

विद्याविहार, सायन और गोरेगांव के फ्लाईओवर शुरू होने से आसपास की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

इन परियोजनाओं का लाभ निजी वाहन चालकों के साथ टैक्सी, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों को भी मिल सकता है।

हालांकि, वास्तविक यातायात सुधार का आकलन पुलों पर नियमित आवागमन शुरू होने के बाद ही किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियां पूरी

बीएमसी ने उद्घाटन समारोह के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं। तीनों परियोजना स्थलों पर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोग भी उद्घाटन समारोह देख सकेंगे।

कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, महानगरपालिका के अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहने की संभावना है।

तीनों परियोजनाओं का एक ही दिन उद्घाटन मुंबई के सड़क बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इन फ्लाईओवर के शुरू होने से महानगर में आवागमन सुगम बनाने, यात्रा का समय घटाने और प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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