पुणे। त्योहारों के मौसम को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुणे डिवीजन के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। 16 से 22 सितंबर के बीच विभाग की टीमों ने पुणे डिवीजन के पांच जिलों में खाद्य कारोबार से जुड़े 41 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मिलावट, खराब या भ्रामक लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के संदेह में करीब 23.89 लाख रुपये मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए।

FDA के मुताबिक विशेष अभियान में पुणे, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिले के खाद्य व्यवसायों को जांच के दायरे में लिया गया। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए विभाग ने बाजार में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच तेज की है।

यह विशेष अभियान महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे द्वारा शुरू किए गए ‘सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत चलाया गया। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ पहुंचाना तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करना है।

FDA की टीमों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों के स्टॉक और उनकी गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान ऐसे उत्पादों पर विशेष नजर रखी गई, जिनमें मिलावट की आशंका थी या जिनकी पैकेजिंग और लेबलिंग खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई। संदेह के आधार पर बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री को जब्त किया गया।

अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुल 23.89 लाख रुपये मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। जब्त उत्पादों के नमूनों की जांच के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। जांच में यदि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों, दूध और दूध से बने उत्पादों, तेल, मसालों और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। इसी के साथ मिलावट और खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री की आशंका भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए FDA की ओर से बाजारों में निगरानी बढ़ाई गई है।

इस विशेष अभियान के साथ ही विभाग ने प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ भी अलग से कार्रवाई की। प्रतिबंधित गुटखा, मसाला और सुगंधित तंबाकू की बिक्री तथा भंडारण के खिलाफ सात स्थानों पर छापेमारी की गई। विभाग का कहना है कि प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और स्टोरेज पर निगरानी लगातार जारी रखी जाएगी।

FDA अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य पदार्थों पर सही जानकारी के साथ लेबल लगाना, उत्पाद की निर्माण और समाप्ति तिथि का स्पष्ट उल्लेख करना तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है।

भ्रामक या गलत लेबलिंग भी विभाग की कार्रवाई के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रही। किसी उत्पाद की सामग्री, गुणवत्ता या अन्य जानकारी गलत तरीके से प्रस्तुत होने पर उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। इसी वजह से विभाग ने लेबलिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन को भी गंभीरता से लिया है।

पुणे डिवीजन में हुई कार्रवाई के दौरान विभाग ने खाद्य कारोबार से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की। पांच जिलों में एक साथ अभियान चलाए जाने से स्पष्ट है कि त्योहारों से पहले FDA ने निगरानी का दायरा बढ़ाया है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध खाद्य उत्पादों पर नजर रखने को कहा गया है।

FDA ने उपभोक्ताओं से भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और पैकेज पर उपलब्ध अन्य जरूरी जानकारी देखना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की जानकारी संबंधित विभाग को दी जा सकती है।

त्योहारों के समय बाजार में बढ़ती मांग के कारण खाद्य पदार्थों का उत्पादन और बिक्री भी तेजी से बढ़ती है। ऐसे समय में गुणवत्ता से समझौता करने या मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग विशेष अभियान चलाता है। इस बार ‘सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत कार्रवाई को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया गया है।

विभाग का ध्यान केवल खाद्य पदार्थों की मिलावट पर ही नहीं, बल्कि स्टोरेज, स्वच्छता, पैकेजिंग और लेबलिंग जैसे पहलुओं पर भी है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

16 से 22 सितंबर के बीच हुई 41 छापेमारियों और सात अलग-अलग प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों से जुड़ी कार्रवाइयों ने खाद्य कारोबारियों के बीच भी सतर्कता बढ़ाई है। FDA का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से समझौता करने वाले मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

फिलहाल जब्त किए गए खाद्य उत्पादों से संबंधित जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नमूनों की रिपोर्ट और दस्तावेजों की जांच के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से FDA की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

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