महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति का दबदबा

Update: 2026-06-23 04:52 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: विधान परिषद के स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से हुए द्विवार्षिक चुनाव में सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले इस गठबंधन को केवल नासिक सीट पर अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।

इस चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की घटनाएं भी देखने को मिलीं, जिनका असर कई सीटों के परिणामों पर माना जा रहा है। इसके बावजूद महायुति गठबंधन ने भारी बहुमत के साथ अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी।

परिणामों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक 11 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने 3 सीटों पर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 2 सीटों पर जीत हासिल की। इस तरह महायुति गठबंधन ने कुल 16 सीटों पर कब्जा जमाया।

नासिक सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा, जहां एक स्थानीय पार्टी नेता के रिश्तेदार और निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने शिवसेना के उम्मीदवार को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। हालांकि चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ ही घंटों बाद गोकुल गीते ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का समर्थन करते हुए गठबंधन में सहयोगी सदस्य के रूप में शामिल होने की घोषणा कर दी।

चुनाव प्रक्रिया की बात करें तो शुरुआत में कुल 17 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की गई थी, जिसमें एक उपचुनाव भी शामिल था। लेकिन इनमें से 6 सीटों पर उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के कारण केवल 11 सीटों पर मतदान की आवश्यकता पड़ी।

इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान 18 जून को संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्य मतदाता थे। इसके बाद 22 जून को वोटों की गिनती की गई, जिसके परिणाम सोमवार को घोषित किए गए।

चुनाव में क्रॉस-वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी गठबंधन ने इसे जनता और स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन बताया है।

महायुति गठबंधन की इस बड़ी जीत को राज्य की राजनीति में उसकी मजबूत पकड़ के रूप में देखा जा रहा है। खासकर BJP की 11 सीटों पर जीत ने गठबंधन के भीतर उसकी प्रमुख भूमिका को और मजबूत किया है।

वहीं नासिक में मिली हार को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्थानीय समीकरण और क्रॉस-वोटिंग ने परिणामों को प्रभावित किया। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते का बाद में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल होना भी चर्चा का विषय बन गया है।

चुनाव परिणामों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।

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