Maharashtra : रेल फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव, बंदरगाहों को समृद्धि एक्सप्रेसवे से जोड़ने पर जोर
Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को राज्य के लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) और निर्माणाधीन वधवन पोर्ट को समृद्धि एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक विशेष रेल फ्रेट कॉरिडोर विकसित करने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस कदम से परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला अधिक प्रभावी बनेगी।
पुणे में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी जैबिल की नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान फडणवीस ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेल कॉरिडोर बंदरगाहों को महाराष्ट्र के अंदरूनी क्षेत्रों में स्थित ड्राई पोर्ट्स और औद्योगिक हब से जोड़ेगा, जिससे राज्य के बड़े हिस्से को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से सीधा जोड़ा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र पहले से ही देश के प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों में शामिल है। उन्होंने बताया कि JNPT भारत के कुल कंटेनर ट्रैफिक का लगभग 60 प्रतिशत संभालता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से मुंबई के पास वधवन पोर्ट का निर्माण किया जा रहा है।
फडणवीस ने वधवन पोर्ट को लेकर कहा कि यह प्रस्तावित बंदरगाह JNPT से लगभग तीन गुना बड़ा होगा और इसे दुनिया के शीर्ष 10 सबसे बड़े बंदरगाहों में शामिल किए जाने की योजना है। उन्होंने इसे महाराष्ट्र के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि यह रेल फ्रेट कॉरिडोर योजना लागू होती है, तो इससे माल ढुलाई की गति बढ़ेगी, लागत घटेगी और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही राज्य में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य राज्य को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करना है, जिससे न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी गति मिले।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बंदरगाह, सड़क और रेल नेटवर्क के बेहतर समन्वय से महाराष्ट्र को वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत स्थान मिलेगा।
फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर आगे की योजना और क्रियान्वयन पर चर्चा जारी है, लेकिन सरकार इसे राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए एक अहम कदम मान रही है।