नवीन ‘फ्रीडम ऑफ़ रिलीजन बिल 2026’ लाएगी महाराष्ट्र सरकार, मंत्री नितेश राणे का दावा
Maharashtra महाराष्ट्र: सरकार द्वारा पेश किए जा रहे ‘फ्रीडम ऑफ़ रिलीजन बिल 2026’ को लेकर मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह बिल हिंदुत्व के सिद्धांतों पर आधारित है और इसका उद्देश्य हिंदू महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मंत्री राणे ने कहा, "चुनाव के दौरान हमने जनता से वादा किया था कि किसी भी तरह के जबरन या धोखाधड़ी से किए जाने वाले धर्मांतरण, जिसे आमतौर पर ‘लव जिहाद’ कहा जाता है, को रोका जाएगा। यह बिल इसी दिशा में एक कानूनी कदम है।
राणे ने आगे बताया कि बिल के माध्यम से न केवल जबरन धर्मांतरण को रोका जाएगा, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, "इस कानून का मकसद केवल सुरक्षा देना है, धर्मांतरण को नियंत्रित करना नहीं। यह सुनिश्चित करेगा कि किसी की धार्मिक स्वतंत्रता का अनुचित लाभ न उठाया जाए।"
उन्होंने विधानसभा में बताया कि इस कानून के लागू होने के बाद धार्मिक रूप से संवेदनशील मामलों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और राज्य सरकार ऐसे मामलों में त्वरित जांच सुनिश्चित करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बिल का सामाजिक और राजनीतिक महत्व काफी बड़ा है। विपक्ष ने इस पर पहले ही सवाल उठाए हैं कि क्या यह कानून किसी धर्म विशेष के खिलाफ या समाज में विभाजन पैदा करने वाला है।
हालांकि मंत्री राणे ने स्पष्ट किया कि कानून का उद्देश्य सभी समुदायों के लिए समान रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करना है और किसी भी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस कानून के सकारात्मक पहलुओं को समझें और इसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखें। इस बिल पर जल्द ही विधानसभा में बहस होने की संभावना है और इसके लागू होने के बाद महाराष्ट्र में धार्मिक सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों पर प्रभाव पड़ सकता है।