नासिक। शहर में स्टैम्प ड्यूटी से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों और अंबाद तथा सतपुर एमआईडीसी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की समस्याओं को लेकर उद्योग जगत की कोशिशों को राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इससे नासिक के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है। उद्योग संगठनों और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर उद्यमियों और नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सामने रखा।

प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस दौरान शहर में स्टैम्प ड्यूटी से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। उद्योग जगत का कहना है कि इन मुद्दों के कारण नागरिकों और उद्यमियों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से प्रक्रिया को आसान बनाने और संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की।

स्टैम्प ड्यूटी के मुद्दों पर चर्चा

बैठक में स्टैम्प ड्यूटी से जुड़े ऐसे कई मामलों को उठाया गया, जिनका सीधा असर शहर के नागरिकों और कारोबारी गतिविधियों पर पड़ रहा है। उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि इन मामलों के समाधान से न केवल उद्यमियों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखे गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का सकारात्मक आश्वासन दिया। सरकार की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद उद्योग संगठनों को उम्मीद है कि संबंधित विभागों के स्तर पर जल्द कदम उठाए जाएंगे।

अंबाद और सतपुर एमआईडीसी में सड़क की समस्या

नासिक के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल अंबाद और सतपुर एमआईडीसी में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति और उनके विकास के लिए आवश्यक धनराशि पर चर्चा हुई।

उद्योग संगठनों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़कें केवल कंपनियों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि माल की आवाजाही और औद्योगिक गतिविधियों की गति के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। खराब सड़क बुनियादी ढांचे से परिवहन लागत बढ़ने के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत के साथ भी विस्तृत चर्चा की।

DPR तैयार करने के निर्देश

अंबाद और सतपुर एमआईडीसी क्षेत्रों में सड़क विकास के लिए आवश्यक फंड को लेकर उद्योग मंत्री उदय सामंत के सामने प्रस्ताव रखा गया। सामंत ने मामले पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित विभाग को सड़क विकास परियोजनाओं के लिए तत्काल आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया।

DPR तैयार होने के बाद परियोजना की वास्तविक लागत, काम का दायरा और आवश्यक संसाधनों का आकलन किया जा सकेगा। इसके आधार पर सड़क विकास के लिए आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

उद्योग संगठनों की लगातार कोशिश

इन मुद्दों को लेकर अंबाद इंडस्ट्रीज़ एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIMA) और नासिक इंडस्ट्रीज़ एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (NIMA) लगातार प्रयास कर रहे हैं। दोनों संगठनों ने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर उद्योगों से जुड़े मुद्दों को राज्य सरकार के सामने रखने की पहल की है।

उद्योग संगठनों का मानना है कि नासिक को औद्योगिक विकास के लिहाज से और मजबूत बनाने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा जरूरी है। अंबाद और सतपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, परिवहन और अन्य सुविधाओं में सुधार होने से यहां काम करने वाली इकाइयों को सीधा लाभ मिल सकता है।

निवेश को मिल सकता है बढ़ावा

उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने में मजबूत बुनियादी ढांचे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि सड़कों की स्थिति सुधरती है और स्टैम्प ड्यूटी से जुड़े मुद्दों का समाधान होता है तो नए निवेशकों के लिए भी नासिक अधिक आकर्षक औद्योगिक केंद्र बन सकता है।

उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, शहर में पहले से मौजूद औद्योगिक आधार को मजबूत करने के साथ नई औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद आवश्यक है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद

उद्योग संगठनों और जनप्रतिनिधियों को राज्य सरकार की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद अब उनकी नजर आगे की कार्रवाई पर है। स्टैम्प ड्यूटी से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के स्तर पर निर्णय और अंबाद-सतपुर में सड़क विकास की DPR तैयार होने के बाद परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

उद्योग जगत का कहना है कि सरकार यदि इन मुद्दों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे नासिक के औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करेंगी।

फिलहाल, सरकार की ओर से मिले आश्वासन और सड़क विकास परियोजनाओं के लिए DPR तैयार करने के निर्देश को नासिक के उद्योग जगत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे अंबाद और सतपुर एमआईडीसी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जगी है और शहर के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की संभावना बढ़ी है।

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