मुंबई: शीना बोरा हत्या कांड (Sheena Bora Murder Case) में हाल ही में जमानत (Bail) पर छुटी इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukherjee) ने एक बार फिर बांबे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मंजुला शेट्टी ( Manjula Shetty) की हत्या (Murder ) के बाद भायखला जेल में कैदियों के आंदोलन के सिलसिले में इंद्राणी मुखर्जी और अन्य महिला कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इंद्राणी ने अपनी याचिका में इस मामले को रद्द करने का मांग की है

भायखला जेल की महिला कैदी मंजुला शेट्टी को 23 जून 2017 को पीटा गया था। उसके बाद 24 जून को मंजुला की मौत हो गयी। पुलिस ने जेल अधीक्षक मनीषा पोखरकर समेत पांच महिला अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। मंजुला की हत्या की खबर सुनते ही जेल की महिला कैदियों ने तोड़फोड़ कर जेल में आग लगा दी।
220 से अधिक महिलाओं ने किया था आंदोलन
पुलिस ने सभी महिला कैदियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में कहा था कि इंद्राणी मुखर्जी समेत 220 से अधिक महिलाएं आंदोलन के दौरान आग लगाने में शामिल थी। बाद में मामले की जांच क्राइम ब्रांच को रेफर कर दिया गया।
अपराध को रद्द करने की मांग
आंदोलन के दौरान आरोपियों के जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ने के बाद सीसीटीवी कैमरों को जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया था। तोड़फोड़, आगजनी करने, सरकारी काम में बाधा डालने के लिए जबरन थाली और बर्तन फेंकने का कैदियों के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। इंद्राणी ने मांग की है कि इन अपराधों को रद्द किया जाए।
एक जून को हो सकती है सुनवाई
इंद्राणी ने सना खान के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जेल के दंगों में या शेट्टी की हत्या के बाद में हमारी कोई भागीदारी नहीं थी। इंद्राणी ने याचिका में यह भी दावा किया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप फर्जी, झूठे और अस्पष्ट हैं। उन्हें उत्पीड़न के उद्देश्य से मामले में जानबूझकर फंसाया गया था। इस मामले में एक जून को सुनवाई होने की संभावना है।
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