Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने मुंबई-पुणे रेल मार्ग की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कर्जत-लोनावाला घाट सेक्शन में जबरदस्त बारिश के कारण कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुए, जिससे पिछले दो दिनों से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिर्फ 24 घंटे के भीतर करीब 600 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने की घटनाएं बढ़ गईं। पुणे जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन लोनावाला में सोमवार सुबह 7 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में 670 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

भारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और परिचालन व्यवस्था प्रभावित हुई है। रेलवे की टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है।

कर्जत-लोनावाला घाट सेक्शन में कई स्थानों पर भूस्खलन

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पुणे जिले में पिछले दो दिनों के दौरान करीब 22 स्थानों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं।

सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में रविवार को भी करीब 300 मिमी बारिश हुई थी।

उन्होंने बताया कि रविवार के शुरुआती चार घंटों में ही लगभग 160 मिमी बारिश दर्ज की गई। इतनी तेज बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों की मिट्टी कमजोर हो गई और कई जगहों पर भूस्खलन हो गया।

ठाकुरवाड़ी के पास पहला लैंडस्लाइड

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहला बड़ा लैंडस्लाइड ठाकुरवाड़ी के पास हुआ। इसके कारण भोर घाट में मौजूद तीनों रेल लाइनों पर असर पड़ा।

इसके बाद मंकी हिल और खंडाला के बीच भी भूस्खलन की घटना सामने आई। इन घटनाओं के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई और रेलवे को संचालन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इसके अलावा खंडाला स्टेशन के पास डाउन मेन लाइन पर एक पेड़ गिरने से भी रेल यातायात बाधित हुआ।

रेलवे ने तुरंत शुरू किया मरम्मत कार्य

सेंट्रल रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया।

स्वप्निल नीला ने कहा कि कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन लगातार बारिश के बीच भी मरम्मत कार्य जारी रखा गया है।

रेलवे की इंजीनियरिंग टीमें, कर्मचारी और आपदा प्रबंधन से जुड़े लोग मौके पर काम कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द रेल सेवाओं को सामान्य किया जा सके।

यात्रियों को हुई परेशानी

मुंबई-पुणे रेल मार्ग महाराष्ट्र के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। इस रूट से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।

लैंडस्लाइड और ट्रैक पर मलबा आने के कारण कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ ट्रेनों की गति धीमी करनी पड़ी, जबकि कुछ सेवाओं के संचालन पर असर पड़ा।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।

लगातार बारिश बनी चुनौती

महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट क्षेत्र में मानसून के दौरान भारी बारिश आम बात है, लेकिन इस बार कम समय में हुई अत्यधिक बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने और चट्टानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि रेलवे को इस क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।

अधिकारियों का कहना है कि घाट सेक्शन में सुरक्षा जांच लगातार की जा रही है और किसी भी खतरे वाले स्थान की निगरानी की जा रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बीच बढ़ी सतर्कता

भारी बारिश के चलते प्रशासन और रेलवे दोनों अलर्ट मोड पर हैं। घाट क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी जोखिम वाले हिस्से में ट्रेनों की गति नियंत्रित की जा रही है।

जल्द सामान्य होने की उम्मीद

रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद जल्द ही रेल यातायात सामान्य हो जाएगा।

हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी सतर्कता बरती जा रही है। लगातार बारिश जारी रहने पर दोबारा लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है।

फिलहाल रेलवे की टीमें कर्जत-लोनावाला घाट सेक्शन में युद्धस्तर पर काम कर रही हैं, ताकि मुंबई और पुणे के बीच रेल संपर्क को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

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