Maharashtra महाराष्ट्र: आंदोलन की कठिनाइयों से तंग आकर 7 लाख रुपये के इनामी खूंखार माओवादी ने 26 दिसंबर को जिला कलेक्टर प्रजीत नायर और पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नित्यानंद झा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी का नाम देवा उर्फ ​​अर्जुन उर्फ ​​राकेश सुमदो मुदाम, उम्र (27) निवासी गुंडम सुतबाईपारा, पोस्ट- बासागुड़ा, तहसील- उसूर, पो. थाना पामेड़, जिला- बीजापुर (छ.ग.) (सदस्य टांडा दलम, मलाजखंड दलम, पामेड़ प्लाटून- 9 समिति सदस्य) है।

देश में माओवादी आंदोलन पर अंकुश लगाने, अधिक से अधिक माओवादियों को आत्मसमर्पण कराकर विकास की मुख्यधारा में लाने और उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार नक्सल आत्मसमर्पण योजना लागू कर रही है। गोंदिया जिले के पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नित्यानंद झा के मार्गदर्शन में गोंदिया जिले में माओवादी आंदोलन को समूल नष्ट करने हेतु प्रभावी नक्सल विरोधी अभियान क्रियान्वित किया जा रहा है। नागरिकों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता लाने हेतु विभिन्न गतिविधियां क्रियान्वित की जा रही हैं। आत्मसमर्पित माओवादी देवा उर्फ ​​अर्जुन उर्फ ​​राकेश का पैतृक गांव चूंकि बीजापुर जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में है, अतः उसके गांव में पहले से ही हथियारबंद वर्दीधारी माओवादी मौजूद थे।
माओवादियों के बहकावे एवं प्रलोभन में आकर वह बचपन से ही नक्सल आंदोलन से जुड़ गया तथा उनके निर्देशानुसार बाल संगठन में कार्य करने लगा। वर्ष 2014 में वह पामेड़ दलम (दक्षिण बस्तर), जिला बीजापुर में भर्ती हुआ तथा हथियार उठा लिया। 6 महीने तक पामेड़ दलम में काम करने के बाद वर्ष 2014 के अंत में उसने अबूझमाड़ क्षेत्र में ढाई महीने का प्रशिक्षण लिया, जिसके बाद उसे वर्ष 2015 में बस्तर क्षेत्र से माओवादियों के महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन में भेज दिया गया। प्रारंभ में उसने वर्ष 2015 से 2016 तक टांडा दलम में तथा वर्ष 2016 से 2017 तक मलाजखंड दलम में दलम सदस्य के रूप में काम किया।
Tags: