गणेश नाइक का बयान: अमित ठाकराय के मूर्ति अनावरण मामले में केस वापस लिया जाए
Maharashtra महाराष्ट्र: मंत्री गणेश नाइक ने कहा कि अमित ठाकराय द्वारा जबरदस्ती मूर्ति का अनावरण करने के मामले में उनके खिलाफ दर्ज केस सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमित ठाकराय का उद्देश्य कानून-व्यवस्था भंग करना नहीं था, बल्कि नगर निगम का ध्यान आकृष्ट करना था। इसलिए, मंत्री नाइक का मानना है कि यह मामला वापस लिया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा, "हर कोई छत्रपति शिवाजी महाराज को प्रेम करता है। अगर किसी ने उनकी मूर्ति का अनावरण किया, तो इसके लिए कोई मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। अमित ठाकराय का इरादा केवल सार्वजनिक और प्रशासनिक ध्यान आकर्षित करना था, कोई अराजकता फैलाना नहीं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से इस तरह के मामलों में समझदारी और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है।
गणेश नाइक ने मामले को लेकर कहा कि सार्वजनिक प्रतीकों और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक के सम्मान के मामले में जनता की भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक व्यक्तित्वों और सामाजिक नेताओं द्वारा किए गए कार्यों को व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि केवल कागजी कार्रवाई और कानूनी दृष्टिकोण से। मंत्री नाइक की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नवी मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति अनावरण को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। उनके अनुसार, मूर्ति का अनावरण एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सम्मान का मामला है, जिसे राजनीतिक विरोध या कानूनी विवाद में बदलने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इसे जनता और सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। गणेश नाइक का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से विवाद को शांत करने का प्रयास माना जा रहा है। मंत्री ने सभी नागरिकों से भी अपील की कि छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान व्यक्तित्वों का सम्मान सभी को मिलकर करना चाहिए और इस प्रकार के विवादों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई सार्वजनिक प्रतीक सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाता है या उसका अनावरण किया जाता है, तो यह किसी भी कानूनी विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए।