वोट चोरी के आरोपों पर फडणवीस का राहुल गांधी पर पलटवार, कहा- कोई वोट चोरी नहीं हुई
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। फडणवीस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को लेकर लगातार सवाल उठाकर लोगों के बीच भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई वोट चोरी नहीं हुई है और विपक्ष के आरोप निराधार हैं।
फडणवीस का यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी और कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने हाल के दिनों में ‘वोट चोरी’ के अपने आरोपों को दोहराया है और चुनाव आयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को लगातार राजनीतिक रूप से उठाया जा रहा है।
रविवार को इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने साफ कहा कि वह स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं कि कोई वोट चोरी नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत तंज कसते हुए कहा कि असल में उनका ‘दिमाग चोरी हो गया है।’ फडणवीस ने व्यंग्य करते हुए प्रधानमंत्री से एक समिति बनाने का अनुरोध करने की बात कही, जो राहुल गांधी का ‘दिमाग वापस लाए’, ताकि वे देशहित में बात करें और सही तथा सच बोलें।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार आरोप लगाने से जनता के बीच इन संस्थाओं को लेकर अविश्वास पैदा हो सकता है। उन्होंने राहुल गांधी पर देश में भ्रम और अराजकता की स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। यह फडणवीस का राजनीतिक आरोप है, जिसे कांग्रेस के दावों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी ओर राहुल गांधी और कांग्रेस का पक्ष है कि चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूचियों से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही जरूरी है। राहुल गांधी ने हाल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए अपने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को दोहराया था। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
राहुल गांधी ने 24 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी आरोप लगाए। ये कांग्रेस नेता के आरोप हैं और इन्हें फडणवीस तथा भाजपा नेताओं ने खारिज किया है।
फडणवीस ने इसी राजनीतिक विवाद के बीच राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वोट चोरी जैसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कांग्रेस नेता की ओर से चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह के आरोप संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के भरोसे को प्रभावित करते हैं।
यह मामला अब केवल महाराष्ट्र की राजनीति तक सीमित नहीं है। चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों पर भाजपा के कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। रविवार को विभिन्न भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्रियों की ओर से राहुल गांधी तथा कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार सामने आया। वहीं विपक्ष चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को लगातार उठा रहा है।
महाराष्ट्र में भी मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने हाल में सवाल उठाए हैं। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर आरोप लगाए और अधिक पारदर्शिता की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
इसी पृष्ठभूमि में फडणवीस का रविवार का बयान सामने आया है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को स्वीकार करने के बजाय उन्हें पूरी तरह खारिज किया और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उनके बयान में चुनाव आयोग के प्रति भरोसे का मुद्दा प्रमुख रहा।
‘वोट चोरी’ का मुद्दा पिछले कुछ समय से सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक विवाद के रूप में उभरा है। कांग्रेस जहां चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष बिना पर्याप्त आधार के संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
फडणवीस के बयान के बाद महाराष्ट्र में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के दावों को नकारते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस अपने आरोपों और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर कायम है।