पिंपरी चिंचवड में दस्तावेज पंजीकरण घोटाला उजागर

Update: 2025-11-06 18:58 GMT
Maharashtra महाराष्ट्र: जिले में दस्तावेज पंजीकरण (Document Registration) प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिला उप-पंजीयक संतोष हिंगणे (District Deputy Registrar Santosh Hingne) ने गुरुवार को बताया कि दस्तावेजों के पंजीकरण से जुड़ी कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें दो गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। पहली अनियमितता दस्तावेजों पर लगी स्टांप मार्किंग (Stamp Marking) से जुड़ी है। जांच में यह पाया गया कि कुछ दस्तावेजों पर ‘Maharashtra Government’ के बजाय ‘Mumbai Government’ लिखा गया है, जिसे अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान सही तरीके से सत्यापित नहीं किया गया। यह चूक राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गंभीर गलती मानी जा रही है।

दूसरी बड़ी अनियमितता ₹6 करोड़ की स्टांप ड्यूटी छूट (Stamp Duty Exemption) से जुड़ी है। हिंगणे ने बताया कि यह छूट नियमों के विपरीत दी गई थी, जिसकी जांच अब शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि “इन दोनों मामलों में औपचारिक शिकायतें दर्ज की गई हैं और प्रारंभिक जांच में कई अनियमित लेन-देन के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ दस्तावेज पंजीकरण कार्यालयों में दलालों और रियल एस्टेट एजेंटों की मिलीभगत से स्टांप ड्यूटी में छूट दिलाने का खेल चल रहा था। कई दस्तावेज ऐसे मिले जिनमें संपत्ति के मूल्य को गलत दिखाकर कर चोरी की गई।

जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से जांच टीम गठित कर दी है, जो यह पता लगाएगी कि किस स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार हुआ। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संतोष हिंगणे ने स्पष्ट किया कि “हम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अवैध छूटों को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं। भविष्य में कोई भी दस्तावेज बिना विस्तृत सत्यापन के पंजीकृत नहीं किया जाएगा। यह मामला अब राज्य राजस्व विभाग (Revenue Department) तक पहुंच गया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी सप्ताह में ऑडिट और विजिलेंस जांच शुरू की जाएगी।
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