मुंबई। IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत को लेकर गुरुवार को मुंबई में राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कांग्रेस और NSUI के सदस्यों ने पवई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में जवाबदेही तय करने और छात्र के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए IIT बॉम्बे के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेड्स लगाए गए। पुलिस ने वर्षा गायकवाड़ समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े हालात की जांच रहा। प्रदर्शनकारियों की ओर से मामले की पूरी और स्वतंत्र जांच की मांग की गई। वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि छात्र की मौत के पीछे की परिस्थितियों की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने परिवार से की बात
वर्षा गायकवाड़ ने प्रदर्शन के दौरान दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साहिल वाकोडे के परिवार से फोन पर बातचीत की है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।गायकवाड़ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने परिवार से बात करते हुए न्याय की लड़ाई में साथ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्र के परिवार के साथ खड़ी है और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग जारी रखेगी।
18 सितंबर को हुई थी छात्र की मौत
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, 20 वर्षीय साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे में दूसरे वर्ष का बीटेक छात्र था। 18 सितंबर को वह संस्थान के हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। उसकी मौत से पहले मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया था। IIT बॉम्बे की ओर से पहले कहा गया था कि छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था और उसने परीक्षा के प्रश्नपत्र को एक AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया था।हालांकि, छात्र के परिवार ने संस्थान में कथित उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। परिवार के आरोपों को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। IIT बॉम्बे ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि साहिल की ओर से संस्थान के प्रशासन या SC-ST सेल में ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
प्रोफेसर के खिलाफ FIR
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, FIR में दो अन्य आरोपियों की पहचान नहीं की गई है। मामले की जांच बाद में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।सूर्यनारायण दुल्ला उस परीक्षा में निरीक्षक थे, जिसमें साहिल के पास मोबाइल फोन होने की बात सामने आई थी। बाद में IIT बॉम्बे ने उन्हें डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया, हालांकि वे संस्थान में प्रोफेसर बने हुए हैं। संस्थान ने साहिल की मौत के संबंध में पहले जारी अपने कुछ बयानों को लेकर भी माफी मांगी और कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटना के कारणों या परिस्थितियों को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं था।
IIT बॉम्बे में जारी है विरोध
साहिल वाकोडे की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्र संगठनों की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारी मामले की स्वतंत्र जांच, जिम्मेदारी तय करने और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर दुल्ला के समर्थन में बयान जारी किया है। फैकल्टी के एक समूह ने कहा कि दुल्ला ने संस्थान के नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।इस तरह मामले में अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं। साहिल के परिवार की ओर से जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं, जबकि संस्थान ने इन आरोपों को खारिज किया है। पुलिस जांच में अब इन आरोपों और छात्र की मौत से पहले हुई घटनाओं के बीच संबंध की जांच की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की सख्ती
गुरुवार के प्रदर्शन को देखते हुए IIT बॉम्बे के मुख्य गेट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए और प्रदर्शनकारियों को परिसर के प्रवेश द्वार से आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान वर्षा गायकवाड़, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और NSUI सदस्यों को हिरासत में लिया गया। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों को स्थानीय थाने ले जाया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही थी।वर्षा गायकवाड़ ने प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक सवाल भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक और सामाजिक आधार पर विभाजन तथा भेदभाव को बढ़ावा दिया जा रहा है। ये आरोप कांग्रेस नेता की राजनीतिक टिप्पणी के रूप में सामने आए हैं; इनके समर्थन में स्वतंत्र प्रमाण इस रिपोर्ट में स्थापित नहीं हैं।फिलहाल साहिल वाकोडे की मौत का मामला पुलिस जांच के अधीन है। परिवार के आरोप, संस्थान का पक्ष, FIR में लगाए गए आरोप और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। गुरुवार का प्रदर्शन इस मामले को लेकर चल रहे राजनीतिक और छात्र आंदोलन का एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहा।
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