PUNE पुणे (महाराष्ट्र): पुणे के सह्याद्री अस्पताल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें बापू बालकृष्ण कोमकर और उनकी पत्नी कामिनी बापू कोमकर की लीवर ट्रांसप्लांट के बाद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बापू कोमकर गंभीर लीवर रोग से पीड़ित थे और उन्हें तुरंत ट्रांसप्लांट की आवश्यकता थी। उनकी पत्नी कामिनी ने स्वयं अपना लीवर दान करने की पेशकश की। दोनों को 14 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया और अगले दिन सर्जरी की गई। हालांकि, सर्जरी के बाद बापू कोमकर की स्थिति बिगड़ गई और उनका 17 अगस्त को निधन हो गया। इसके कुछ समय बाद कामिनी को संक्रमण हो गया और इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई।

दंपति के परिवार ने मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाया है और डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि अस्पताल ने उचित देखभाल और निगरानी नहीं की होती, तो यह दुःखद हादसा टाला जा सकता था। इस घटना ने पुणे में अस्पतालों में मरीज सुरक्षा और ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लीवर ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सर्जरी में सख्त प्रोटोकॉल और संक्रमण नियंत्रण अत्यंत जरूरी है।

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