मुंबई। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को मुंबई में 'इंडिया केम 2026' के 14वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार रसायन क्षेत्र के विकास के लिए देश में अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 'भव्य रसायन योजना' भारतीय रसायन उद्योग के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।इंडिया केम 2026 का आयोजन 22 से 24 अक्टूबर तक मुंबई के बॉम्बे एग्जीबिशन सेंटर, नेस्को में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से आयोजित किया गया है। सम्मेलन का विषय 'एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब' रखा गया है।
भव्य रसायन योजना से उद्योगों को मिलेगी नई ताकत
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि रसायन उद्योग की विकास क्षमता को बढ़ाने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे और बेहतर औद्योगिक सुविधाओं की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सरकार भव्य रसायन योजना को आगे बढ़ा रही है।उन्होंने बताया कि योजना के तहत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रसायन निर्माण केंद्र विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन केंद्रों को बंदरगाहों, रेलवे नेटवर्क, हवाई अड्डों और प्रमुख सड़कों से जोड़ने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।इसके साथ ही एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर जोर रहेगा, ताकि कच्चे माल की उपलब्धता से लेकर तैयार उत्पादों के निर्माण और बाजार तक पहुंचने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
देश में तीन विशेष केमिकल पार्क बनाने की योजना
भव्य रसायन योजना का पूरा नाम 'भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन' है। इसके अंतर्गत देश में तीन विशेष केमिकल पार्क स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।केंद्र सरकार ने इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की थी। इसके बाद 24 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी प्रदान की।योजना का उद्देश्य औद्योगिक बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करना, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और भारतीय रसायन उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा मजबूत करना है।
निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
केंद्रीय मंत्री ने रसायन क्षेत्र को देश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी सुविधाओं और आधुनिक तकनीक की सहायता से भारत अपनी विनिर्माण क्षमता को और मजबूत कर सकता है।रसायन उद्योग का सीधा संबंध फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण जैसे अनेक क्षेत्रों से है। ऐसे में इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से अन्य उद्योगों को भी लाभ मिलने की संभावना है।विशेषज्ञों के अनुसार, नए रसायन निर्माण केंद्र विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके अलावा परिवहन, भंडारण और लॉजिस्टिक्स से संबंधित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विदेशी निवेशकों और उद्योगपतियों की भागीदारी
इंडिया केम 2026 में वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाया जा रहा है।इस आयोजन के माध्यम से नई तकनीकों के आदान-प्रदान, संयुक्त उद्यमों, अनुसंधान सहयोग और औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।सम्मेलन में जापान भागीदार देश के रूप में शामिल हो रहा है। आयोजकों के अनुसार, इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और 200 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी की संभावना है।
हरित तकनीक और आत्मनिर्भर भारत पर जोर
सम्मेलन में पर्यावरण अनुकूल रसायन निर्माण, हरित तकनीक, पुनर्चक्रण और टिकाऊ औद्योगिक विकास जैसे विषयों को भी महत्व दिया जा रहा है।सरकार का उद्देश्य रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत केंद्र बनाना है।इंडिया केम 2026 के माध्यम से देश में नए निवेश आकर्षित करने, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंध मजबूत करने और घरेलू विनिर्माण को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है। भव्य रसायन योजना को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।