Maharashtra महाराष्ट्र: बीजेपी के वरिष्ठ विधायक संजय उपाध्याय ने हाल ही में पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह आम जनता और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट की तैयारियों में इंटीग्रल ह्यूमनिज़्म और सनातन मूल्यों के मार्गदर्शन का विशेष ध्यान रखा गया है। संजय उपाध्याय ने कहा, “मैं मल्लिकार्जुन खड़गे को यह बताना चाहता हूं कि हमारा कार्य सिद्धांत ‘इंटीग्रल ह्यूमनिज़्म’ के आधार पर है। इसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण के लाभ पहुँचाना है। हमारा बजट आम नागरिक की जरूरतों और चिंताओं को दर्शाता है। यह सिर्फ आर्थिक आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक मार्गदर्शक योजना है जो रोजगार, कृषि, युवा और श्रमिकों के हित में केंद्रित है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ विपक्षी नेता बजट पर हमले कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी की संकल्प शक्ति अडिग है। उपाध्याय ने जोर देकर कहा कि सरकार के इस बजट में विकास और कल्याण के लिए ठोस योजनाएं शामिल हैं, जो राज्य के गरीब, किसान, युवा और श्रमिक वर्ग के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी। विधायक ने बताया कि इंटीग्रल ह्यूमनिज़्म का मूल मंत्र समाज के हर वर्ग, विशेषकर पिछड़े और वंचित लोगों के विकास की दिशा में नीतियों और योजनाओं को संचालित करना है। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
संजय उपाध्याय ने यह भी कहा कि सनातन मूल्यों के अनुसार विकास केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सुधार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बजट में ऐसे कदम उठाए गए हैं जो समाज के सभी वर्गों में समावेशिता और न्याय सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने विपक्षी आलोचना पर कहा, “हमें आलोचना से डर नहीं है, बल्कि हमारा ध्यान समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण पर केंद्रित है। बजट और नीतियां इसके लिए एक मजबूत रोडमैप हैं। हम विकास और कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं और जनता के हित को सर्वोपरि रख रहे हैं।”
विधायक ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि प्रत्येक योजना और निर्णय जनता के वास्तविक जीवन में सुधार और स्थायी लाभ लाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जनता की सेवा का एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ है। संजय उपाध्याय ने अंत में कहा कि इंटीग्रल ह्यूमनिज़्म और सनातन मूल्यों का मार्ग अपनाते हुए सरकार विकास, कल्याण और समग्र सुधार की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।