मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक और वनतारा के संस्थापक अनंत अंबानी एक बार फिर पशु संरक्षण को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अनंत अंबानी गायों की देखभाल और उनके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उनके हवाले से दावा किया गया है कि वे लगभग नौ लाख गायों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनमें करीब सात लाख ऐसी गायें हैं, जो दूध नहीं देतीं। इसके अलावा कई गायों को संकटपूर्ण परिस्थितियों से बचाए जाने की बात भी कही गई है। अनंत अंबानी ने कथित तौर पर बताया कि आठ राज्यों में 100 एंबुलेंस तैनात की गई हैं, जिनका उद्देश्य संकट में फंसे पशुओं को बचाना और उन्हें सुरक्षित देखभाल उपलब्ध कराना है।

वायरल वीडियो में गायों की देखभाल का किया जिक्र


सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अनंत अंबानी अपने घर पर गायों की देखभाल करने की दिनचर्या के बारे में बात करते दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

वीडियो के विवरण के अनुसार, उन्होंने बताया कि गायों की देखभाल उनके दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उनका जोर केवल दूध देने वाली गायों की देखभाल पर नहीं, बल्कि उन पशुओं की सुरक्षा पर भी है, जो उम्र बढ़ने, बीमारी या अन्य कारणों से दूध नहीं दे पाते।

अनंत अंबानी लंबे समय से पशु कल्याण और संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय हैं।

हालांकि, वायरल वीडियो में बताए गए नौ लाख गायों और 100 एंबुलेंस के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

9 लाख गायों के संरक्षण का दावा

वायरल वीडियो से संबंधित जानकारी के अनुसार, अनंत अंबानी ने दावा किया है कि उनके संरक्षण प्रयासों के अंतर्गत लगभग नौ लाख गायें आती हैं।

इनमें से सात लाख गायों के दूध नहीं देने की बात कही गई है।

यह आंकड़ा इसलिए भी ध्यान आकर्षित कर रहा है, क्योंकि पशुओं की देखभाल के संदर्भ में आमतौर पर दूध उत्पादन और डेयरी व्यवसाय की चर्चा अधिक होती है।

वहीं अनंत अंबानी का दावा ऐसे पशुओं की देखभाल पर केंद्रित है, जो व्यावसायिक रूप से दूध उत्पादन में योगदान नहीं देते।

इन गायों के भोजन, आश्रय, चिकित्सा और दीर्घकालिक देखभाल जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना बड़ी जिम्मेदारी हो सकती है।

हालांकि, संबंधित गायों को किन-किन स्थानों पर रखा गया है और उनके संरक्षण की विस्तृत व्यवस्था क्या है, इसकी अलग से पुष्टि होना बाकी है।

आठ राज्यों में 100 एंबुलेंस तैनात करने की बात

अनंत अंबानी के वायरल वीडियो से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण दावा पशुओं के बचाव के लिए एंबुलेंस सेवाओं की तैनाती का है।

बताया गया है कि आठ राज्यों में लगभग 100 एंबुलेंस संचालित की जा रही हैं।

इनका उद्देश्य जरूरतमंद पशुओं तक सहायता पहुंचाना बताया गया है।

वीडियो के विवरण के मुताबिक, ये वाहन ऐसे पशुओं के बचाव कार्यों में भी लगाए जाते हैं, जिन्हें बूचड़खानों की ओर ले जाया जा रहा होता है।

हालांकि, इन एंबुलेंस की राज्यवार संख्या, संचालन व्यवस्था और अब तक किए गए बचाव अभियानों का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने और बचाव संबंधी कार्रवाई में लागू कानूनों तथा संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक होता है।

बीमार और बेसहारा पशुओं की देखभाल पर जोर

पशु कल्याण के क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियों में बीमार, घायल और छोड़े गए पशुओं की समय पर सहायता करना शामिल है।

विशेष रूप से ऐसी गायें, जो उम्र या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण दूध नहीं देतीं, उन्हें भी नियमित भोजन और चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होती है।

कई बार पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

ऐसी परिस्थितियों में पशु चिकित्सकों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और बचाव वाहनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पशु कल्याण विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बड़े संरक्षण कार्यक्रम की सफलता उसके वास्तविक संचालन, चिकित्सा सुविधाओं और पशुओं की दीर्घकालिक देखभाल पर निर्भर करती है।

वनतारा परियोजना से जुड़ा है पशु संरक्षण का काम

अनंत अंबानी गुजरात के जामनगर में स्थापित वनतारा पशु संरक्षण और पुनर्वास परियोजना के संस्थापक हैं।

यह परियोजना घायल, बीमार और संकटग्रस्त वन्यजीवों की देखभाल तथा पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों के लिए जानी जाती है।

वनतारा में हाथियों सहित विभिन्न प्रजातियों के पशुओं के लिए चिकित्सा और देखभाल संबंधी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

वर्ष 2024 में एक साक्षात्कार के दौरान अनंत अंबानी ने बताया था कि उनकी परियोजना के अंतर्गत 25 हजार से अधिक वन्यजीवों को बचाया गया है।

उन्होंने पशु चिकित्सा, पुनर्वास और संरक्षण के क्षेत्र में सुविधाओं को बेहतर बनाने की अपनी योजनाओं पर भी चर्चा की थी।

पशुओं के प्रति लगाव को बताया सेवा का हिस्सा

अनंत अंबानी पहले भी विभिन्न अवसरों पर पशुओं के प्रति अपने लगाव का जिक्र कर चुके हैं।

एक पुराने साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि पशुओं की सेवा करने की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार से मिली।

उन्होंने यह भी कहा था कि बेजुबान जीवों की देखभाल उनके लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

अनंत अंबानी की पशु संरक्षण गतिविधियां कई अवसरों पर सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी हैं।

अप्रैल 2025 में उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने जामनगर से द्वारका की यात्रा के दौरान बूचड़खाने ले जाई जा रही मुर्गियों को खरीदकर उनकी देखभाल करने की बात कही थी।

हाल ही में शुरू किया 'चैंपियंस ऑफ केयर' अभियान

पशु कल्याण के क्षेत्र में अनंत अंबानी ने अक्टूबर 2026 में 'चैंपियंस ऑफ केयर' नामक नई पहल भी शुरू की है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 50 से अधिक पशु कल्याण संगठनों को सहयोग देने की योजना बनाई गई है।

इस पहल के तहत हर वर्ष लगभग 20 लाख पशुओं तक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इनमें सड़कों पर रहने वाले कुत्ते, बिल्लियां, बेसहारा मवेशी, गधे, घोड़े और अन्य जरूरतमंद पशु शामिल हैं।

कार्यक्रम के तहत पशु चिकित्सा, बचाव उपकरण, एंबुलेंस, आश्रय और भोजन संबंधी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

इस योजना में विभिन्न पशु कल्याण संगठनों के बीच संसाधनों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को भी महत्व दिया गया है।

पशु संरक्षण में तकनीक और संसाधनों की भूमिका

बड़े स्तर पर पशुओं की देखभाल के लिए पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होती है।

पशु चिकित्सालय, प्रशिक्षित कर्मचारी, दवाइयां, चारा, स्वच्छ पानी और परिवहन व्यवस्था किसी भी संरक्षण केंद्र की बुनियादी जरूरतें हैं।

इसके अलावा बचाव कार्यों के लिए आधुनिक उपकरण और विशेष वाहनों का होना भी उपयोगी माना जाता है।

यदि किसी पशु को गंभीर चोट लगी हो, तो उसे सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाना आवश्यक होता है।

ऐसे मामलों में पशु एंबुलेंस की उपलब्धता समय पर उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सोशल मीडिया पर चर्चा में अनंत अंबानी

वायरल वीडियो में सामने आए दावों के कारण अनंत अंबानी की पशु संरक्षण गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं।

विशेष रूप से नौ लाख गायों के संरक्षण और आठ राज्यों में 100 एंबुलेंस संचालित करने की बात ने इस वीडियो को ध्यान आकर्षित करने वाला बना दिया है।

हालांकि, इन आंकड़ों की पुष्टि के लिए संबंधित संस्थाओं के अधिकृत रिकॉर्ड और विस्तृत जानकारी आवश्यक होगी।

अनंत अंबानी की वनतारा परियोजना और हाल में शुरू हुआ 'चैंपियंस ऑफ केयर' अभियान पशु कल्याण के क्षेत्र में उनकी सार्वजनिक रूप से दर्ज गतिविधियों के उदाहरण हैं।

फिलहाल वायरल वीडियो में किए गए दावों को अनंत अंबानी से जुड़ा विवरण मानकर ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए, न कि स्वतंत्र रूप से प्रमाणित आंकड़ों के रूप में।

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