Maharashtra महाराष्ट्र: सरकार ने सोमवार को धर्म की स्वतंत्रता विधेयक, 2026 पेश किया। इस बिल के अनुसार, किसी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करने से पहले 60 दिन का नोटिस देना होगा।
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के विधायक इसे राजनीतिक एजेंडा के तहत पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक एक विशेष धर्म को निशाना बनाने की कोशिश है।
पटोले ने कहा, "अगर किसी को धर्म परिवर्तन करना है तो उसे पहले नोटिस देना होगा, और इसके बाद ही वह व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकता है। हमारा संविधान हर व्यक्ति को अपने धर्म का चयन करने की स्वतंत्रता देता है।"
उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि बिल में कई कमियां हैं और इसे लाते समय आवश्यक विचार नहीं किया गया।
वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि विधेयक का उद्देश्य धर्म परिवर्तन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और किसी भी प्रकार के जबरन या अनैतिक धर्म परिवर्तन को रोकना है। बिल को लेकर आगामी दिनों में विधानसभा में चर्चा की जाएगी।