नालासोपारा में केक खाने से 11 लोग बीमार, बच्चों ने लगाया छिपकली मिलने का आरोप; जांच शुरू
पालघर। महाराष्ट्र के नालासोपारा ईस्ट में जन्मदिन की खुशियां उस समय मातम और अफरा-तफरी में बदल गईं, जब केक खाने के बाद 11 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। बीमार होने वालों में 7 बच्चे और 4 महिलाएं शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बच्चों ने केक के अंदर मरी हुई छिपकली मिलने का दावा किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस मामले की जांच में जुट गए हैं।
जन्मदिन समारोह में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना नालासोपारा ईस्ट के टाकीपाड़ा स्थित नीलकंठेश्वर बिल्डिंग की है।
बताया गया कि यहां शनिवार शाम एक 25 वर्षीय महिला का जन्मदिन मनाया जा रहा था। कार्यक्रम के लिए पड़ोस के बच्चों ने एक स्थानीय दुकान से केक खरीदा था।
शाम करीब 6 बजे सभी लोग जन्मदिन समारोह में शामिल हुए और केक काटने के बाद उसे खाया।
लेकिन कुछ ही देर बाद लोगों की तबीयत खराब होने लगी।
केक खाने के बाद शुरू हुई परेशानी
पीड़ितों के अनुसार, केक खाने के कुछ समय बाद लोगों को सीने में तेज जलन, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने लगी।
धीरे-धीरे कई लोगों की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने सभी को तुरंत नजदीकी विजयलक्ष्मी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने सभी का इलाज शुरू किया। फिलहाल सभी की हालत पर नजर रखी जा रही है।
बच्चों ने किया छिपकली मिलने का दावा
घटना के बाद बच्चों ने दावा किया कि केक के अंदर मरी हुई छिपकली दिखाई दी थी।
बच्चों के इस दावे के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों ने भी केक की गुणवत्ता और दुकान की लापरवाही को लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि केक में वास्तव में छिपकली थी या नहीं। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दुकान से लिया गया था केक
परिजनों के मुताबिक, जन्मदिन के लिए केक किसी स्थानीय दुकान से खरीदा गया था।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि केक किस दुकान से खरीदा गया था, उसे कैसे तैयार किया गया और क्या उसमें किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी।
यदि जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय हो गए हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी केक के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज सकते हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बीमारी की वजह केक में मौजूद कोई खराब सामग्री थी या कोई अन्य कारण।
परिवार और इलाके में चिंता का माहौल
एक साथ इतने लोगों के बीमार होने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
खासकर बच्चों से जुड़ी खाद्य सामग्री में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
फूड सेफ्टी पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए और ग्राहकों को भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
खराब या दूषित भोजन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
अस्पताल में इलाज जारी
फिलहाल सभी 11 पीड़ितों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
परिजनों को उम्मीद है कि सभी जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। केक के सैंपल और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि केक में किसी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।