सांप के काटने से युवक की मौत, इलाज में देरी बनी वजह

Update: 2026-07-17 06:18 GMT

राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में जहरीले सांप के काटने से 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना किशनगढ़ थाना क्षेत्र के जैतपुर गांव की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, सांप के काटने के बाद युवक को पहले पारंपरिक इलाज के लिए ले जाया गया, जिसके कारण उसे समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, जैतपुर गांव निवासी 23 वर्षीय युवक अपने सामान्य काम में व्यस्त था, तभी उसे जहरीले सांप ने काट लिया। घटना के बाद परिवार के लोग घबरा गए और युवक को तत्काल इलाज के लिए ले जाने के बजाय पहले स्थानीय स्तर पर पारंपरिक उपचार कराने लगे।

परिवार वालों का कहना है कि कुछ समय तक पारंपरिक तरीके से इलाज कराया गया, लेकिन युवक की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। धीरे-धीरे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने युवक की जांच की, लेकिन तब तक उसकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

यह घटना एक बार फिर जहरीले जीवों के काटने के मामलों में समय पर चिकित्सा सुविधा लेने की जरूरत को सामने लाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने के बाद पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए, क्योंकि कई जहरीले सांपों के जहर का असर तेजी से शरीर में फैल सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या पारंपरिक इलाज में समय गंवाने से पीड़ित की जान को खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) ही प्रभावी उपचार होता है, जो केवल अस्पतालों में उपलब्ध होता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग सांप काटने जैसी घटनाओं में पहले पारंपरिक उपचार का सहारा लेते हैं। जागरूकता की कमी के कारण कई बार मरीज अस्पताल देर से पहुंचते हैं और इलाज में मुश्किलें आती हैं।

राजगढ़ जिले में मानसून के दौरान सांप निकलने और उनके काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। बारिश के मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर घरों और खेतों के आसपास पहुंच जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाते हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि सांप काटने की स्थिति में घबराएं नहीं और पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल लेकर जाएं।

जैतपुर गांव में हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। युवक की अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं। ग्रामीणों ने भी इस घटना पर दुख जताया और कहा कि समय पर इलाज मिलने से शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल युवक के शव को आवश्यक प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने के बाद कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए। पीड़ित को शांत रखना चाहिए, प्रभावित अंग को ज्यादा हिलाना-डुलाना नहीं चाहिए और तुरंत चिकित्सा केंद्र ले जाना चाहिए। काटे गए स्थान पर घरेलू उपाय करने से बचना चाहिए।

ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता को बढ़ावा देना ऐसे हादसों को कम करने में मदद कर सकता है। राजगढ़ की यह घटना लोगों को यह संदेश देती है कि सांप के काटने जैसी आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं में पारंपरिक उपचार के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें, ताकि समय रहते उचित इलाज मिल सके और अनमोल जीवन बचाया जा सके।

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