गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में मां और बेटे की जान चली गई, जबकि 12 साल का एक बच्चा घायल हो गया। घटना तीन मंजिला इमारत की छत पर बैनर का लोहे का एंगल समेटने के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि एंगल का बंडल छत के पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इससे मां को करंट लग गया। मां को तड़पता देखकर बेटा उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है।
बैनर का एंगल समेटते समय हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य तीन मंजिला इमारत की छत पर बैनर से जुड़े लोहे के एंगल को समेट रहे थे। इसी दौरान एंगल का बंडल पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया।हाईटेंशन लाइन में अत्यधिक वोल्टेज होने के कारण उसके संपर्क में आने वाली धातु में करंट फैल सकता है। ऐसे में लोहे के एंगल को पकड़ने वाले व्यक्ति के लिए जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।बताया जा रहा है कि एंगल के बिजली की लाइन से टकराते ही महिला को करंट लग गया। मौके पर मौजूद परिवार के लोग घबरा गए। किसी को संभलने का मौका मिलता, उससे पहले ही हादसा गंभीर रूप ले चुका था।
मां को करंट लगा तो बचाने दौड़ा बेटा
हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मां को बिजली का झटका लगते देखकर उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा। लेकिन मदद करने की कोशिश में वह भी करंट की चपेट में आ गया।हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आए लोहे के एंगल के कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी। मां और बेटे दोनों गंभीर रूप से प्रभावित हुए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
12 साल का भतीजा भी घायल
इस हादसे में परिवार का 12 वर्षीय भतीजा भी घायल हो गया। घटना के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।बच्चे की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, हादसे में उसके घायल होने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं।एक ही घटना में मां और बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में सामान्य कामकाज चल रहा था, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई।
हाईटेंशन लाइन के पास काम करना बना जानलेवा
इस घटना ने एक बार फिर हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को सामने ला दिया है। छतों, बालकनियों और ऊंची इमारतों के आसपास से गुजरने वाली बिजली की लाइनें विशेष रूप से जोखिम पैदा कर सकती हैं।
लोहे के एंगल, लंबी पाइप, सीढ़ी या अन्य धातु की वस्तुएं बिजली की लाइन के संपर्क में आने पर करंट फैलने का कारण बन सकती हैं। कई बार व्यक्ति को सीधे तार छूने की जरूरत भी नहीं पड़ती, क्योंकि हाई वोल्टेज बिजली कुछ परिस्थितियों में हवा के माध्यम से भी आर्क बना सकती है।इसलिए बिजली की लाइनों के नजदीक लंबी धातु की वस्तुएं उठाने या हटाने का काम बेहद सावधानी से किया जाना चाहिए।
करंट लगने पर क्या बरतें सावधानी?
बिजली का करंट लगने की स्थिति में सबसे पहले घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति बिजली की चपेट में है, तो उसे सीधे हाथ से छूने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने पर बचाव करने वाला व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।
ऐसी स्थिति में तुरंत बिजली विभाग या आपातकालीन सेवाओं को सूचना देनी चाहिए और सुरक्षित तरीके से बिजली की आपूर्ति बंद कराने का प्रयास करना चाहिए।जब तक बिजली का खतरा पूरी तरह समाप्त न हो जाए, तब तक प्रभावित व्यक्ति के पास जाने से बचना चाहिए। बिजली की लाइन से जुड़े हादसों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद लेना सबसे सुरक्षित कदम होता है।सुरक्षा के लिए जरूरी हैं ये सावधानियांघर की छत पर बैनर, लोहे के एंगल या अन्य लंबे सामान को लगाने और हटाने से पहले आसपास मौजूद बिजली की लाइनों की स्थिति देखना जरूरी है।