SAIMS में वर्चुअल रियलिटी थेरेपी सेंटर का उद्घाटन

Update: 2026-06-07 04:49 GMT

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : अपने जन्मदिन को मरीजों और समाज की भलाई के लिए समर्पित करते हुए, SAIMS की मैनेजिंग डायरेक्टर और श्री अरबिंदो यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. महक भंडारी ने शुक्रवार को स्कीम 78 में स्थित मातृ स्पर्श-उषा दिव्य बाल मंदिर में एक वर्चुअल रियलिटी (VR) थेरेपी-माइंडपाथ सेक्शन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल और AI-ड्रिवन टेक्नोलॉजी के माध्यम से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में अपने नए प्रयासों की शुरुआत की।

डॉ. भंडारी ने कहा कि टेक्नोलॉजी का असली उद्देश्य तब पूरा होता है जब यह मरीजों की देखभाल और जीवन के स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हो। उन्होंने बताया कि नया VR थेरेपी सेंटर विशेष रूप से न्यूरोलॉजिकल, कॉग्निटिव और डेवलपमेंटल चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों और वयस्कों की सहायता के लिए डिजाइन किया गया है।

इस सुविधा में AI-आधारित इंटरैक्टिव लर्निंग और रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम शामिल हैं, जो मरीजों की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, मेमोरी, कोऑर्डिनेशन और संज्ञानात्मक कार्यक्षमता (cognitive functioning) को बढ़ाने पर फोकस करते हैं। इस सेंटर के माध्यम से मरीजों को गेमिफाइड एक्सरसाइज, VR इमर्सिव एक्टिविटी और AI मॉनिटरिंग के ज़रिए थेरेपी प्रदान की जाएगी।

डॉ. भंडारी ने कहा, "हमारा उद्देश्य बच्चों और वयस्कों के लिए व्यक्तिगत रूप से अनुकूलित थेरेपी प्रदान करना है। VR तकनीक मरीज़ों के सीखने और सुधारने के अनुभव को इंटरैक्टिव और आकर्षक बनाती है। यह केवल स्पेशल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि पांच से 90 साल की उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध होगी।"

उद्घाटन के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि नए VR मॉड्यूल से मरीज़ों का ध्यान, याददाश्त, मानसिक लचीलापन और शारीरिक समन्वय बेहतर होगा। थेरेपी में शामिल AI मॉड्यूल मरीज के प्रदर्शन के अनुसार थ्रेशोल्ड और कठिनाई स्तर को अनुकूलित करते हैं, जिससे हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार लाभ उठा सके।

इस पहल का मकसद बच्चों और वयस्कों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों से जोड़ना है। VR थेरेपी के जरिए मरीजों को पारंपरिक थेरेपी की तुलना में अधिक प्रेरणा और उत्साह मिलेगा, जिससे उनकी सीखने और सुधारने की प्रक्रिया तेज होगी।

डॉ. भंडारी की इस पहल को मेडिकल और टेक्नोलॉजी समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI और VR आधारित थेरेपी भविष्य में न्यूरोलॉजिकल और कॉग्निटिव डिसऑर्डर्स के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

इस अवसर पर, SAIMS ने अपने डॉक्टर और थेरेपिस्ट टीम को भी इस तकनीक का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है, ताकि हर मरीज़ को व्यक्तिगत और प्रभावी देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

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