इंदौर। इंदौर मेट्रो परियोजना अब अपने सबसे महत्वपूर्ण निर्माण चरण में प्रवेश करने जा रही है। शहर में पहली भूमिगत मेट्रो सुरंग बनाने के लिए थाईलैंड से मंगाई गई विशाल टनल बोरिंग मशीन (TBM) अगले महीने से जमीन के करीब 20 मीटर नीचे खुदाई का काम शुरू करेगी।
करीब 1000 टन वजन वाली अत्याधुनिक मशीन को फिलहाल इंदौर में असेंबल किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मशीन को पूरी तरह तैयार करने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। इसके बाद इसे एयरपोर्ट क्षेत्र के पास तैनात किया जाएगा, जहां से इंदौर मेट्रो के पहले अंडरग्राउंड कॉरिडोर के लिए सुरंग निर्माण की शुरुआत होगी।
भूमिगत कॉरिडोर के लिए अहम कदम
इंदौर मेट्रो परियोजना में भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण एक बड़ी तकनीकी चुनौती माना जा रहा है। इसके लिए TBM तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे जमीन के अंदर सुरक्षित और सटीक तरीके से सुरंग बनाई जा सकेगी।
टनल बोरिंग मशीन को विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में भूमिगत निर्माण के लिए तैयार किया जाता है। यह मशीन खुदाई के साथ-साथ सुरंग की दीवारों को मजबूत बनाने का काम भी करती है, जिससे आसपास की इमारतों और सड़क व्यवस्था पर कम से कम असर पड़े।
थाईलैंड से लाई गई अत्याधुनिक मशीन
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, इंदौर के लिए मंगाई गई TBM आधुनिक तकनीक से लैस है। मशीन को विदेश से लाकर शहर में अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर तैयार किया जा रहा है।
इतनी बड़ी मशीन को असेंबल करना भी एक जटिल प्रक्रिया है। इसके सभी हिस्सों को तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में जोड़ा जा रहा है ताकि काम शुरू होने के बाद किसी तरह की परेशानी न आए।
रोजाना 20 मीटर तक सुरंग बनाने की क्षमता
यह TBM लगातार काम करने के लिए डिजाइन की गई है। अधिकारियों के अनुसार, मशीन प्रतिदिन लगभग 20 मीटर तक सुरंग की खुदाई करने में सक्षम है।
24 घंटे काम करने वाली इस मशीन से निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। इससे भूमिगत कॉरिडोर को तय समय सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी।
एयरपोर्ट क्षेत्र से शुरू होगा काम
मशीन की तैनाती एयरपोर्ट के आसपास की जाएगी। यहीं से इंदौर मेट्रो के पहले अंडरग्राउंड कॉरिडोर के लिए खुदाई शुरू होगी।
इस क्षेत्र को मेट्रो नेटवर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूमिगत मार्ग बनने से शहर के व्यस्त इलाकों में यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा मानकों का रखा जाएगा ध्यान
भूमिगत सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, TBM के संचालन से पहले सभी तकनीकी परीक्षण पूरे किए जाएंगे।
निर्माण स्थल पर विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम मौजूद रहेगी, जो मशीन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की निगरानी करेगी।
शहर की परिवहन व्यवस्था में आएगा बदलाव
इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। मेट्रो परियोजना को शहर के यातायात समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
भूमिगत कॉरिडोर बनने से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिलेगा। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य में नई तकनीक का इस्तेमाल
इंदौर मेट्रो परियोजना में आधुनिक निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। TBM के जरिए सुरंग निर्माण पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है।
इस तकनीक से आसपास के क्षेत्रों में कम बाधा उत्पन्न होती है और निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा सकता है।
परियोजना के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव
TBM का काम शुरू होना इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। अब तक मेट्रो के एलिवेटेड हिस्सों पर अधिक ध्यान था, लेकिन भूमिगत निर्माण शुरू होने के साथ परियोजना एक नए चरण में प्रवेश करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि मशीन के सफल संचालन से आगे के निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, थाईलैंड से आई विशाल टनल बोरिंग मशीन के जरिए इंदौर मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर का काम जल्द शुरू होने वाला है। करीब 1000 टन वजनी यह मशीन शहर के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।