छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में करीब 200 साल पुराने ब्रह्मदेव मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। मतगुवां थाना क्षेत्र में सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर स्थित मंदिर से अज्ञात चोर भगवान राम की अष्टधातु की प्रतिमा समेत कुल 16 मूर्तियां और भगवान के दो सिंहासन चोरी कर ले गए। मंगलवार सुबह मंदिर के पुजारी पूजा करने पहुंचे तो वारदात का पता चला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद मंदिर से जुड़े लोगों और आसपास के श्रद्धालुओं में नाराजगी और चिंता का माहौल है। करीब दो शताब्दी पुराने इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर से एक साथ इतनी मूर्तियों की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह पूजा करने पहुंचे पुजारी तो खुला राज
बताया जा रहा है कि ब्रह्मदेव मंदिर छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है। मंगलवार सुबह मंदिर के पुजारी कृष्ण कुमार शर्मा रोज की तरह पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे।
मंदिर के अंदर पहुंचते ही उन्हें सामान अस्त-व्यस्त दिखाई दिया। पहले उन्हें किसी गड़बड़ी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने मंदिर के अंदर रखी प्रतिमाओं और अन्य सामान को देखा तो कई मूर्तियां अपने स्थान से गायब थीं।
जांच करने पर पता चला कि मंदिर से भगवान राम की अष्टधातु की प्रतिमा समेत कुल 16 मूर्तियां चोरी हो चुकी थीं। इसके अलावा चोर भगवान के दो सिंहासन भी अपने साथ ले गए थे।
अष्टधातु की प्रतिमा भी चोरी
चोरी हुई मूर्तियों में भगवान राम की अष्टधातु से बनी प्रतिमा भी शामिल बताई जा रही है। पुरानी और अष्टधातु की प्रतिमाओं का धार्मिक महत्व होने के साथ उनका ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व भी हो सकता है।
फिलहाल चोरी हुई सभी मूर्तियों की वास्तविक कीमत और उनके निर्माण काल से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित पक्षों की जांच के बाद ही इनके मूल्य और ऐतिहासिक महत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक साथ 16 मूर्तियों और दो सिंहासनों की चोरी से आशंका जताई जा रही है कि चोर वारदात की तैयारी करके मंदिर पहुंचे होंगे। हालांकि चोरी में कितने लोग शामिल थे और वारदात को किस समय अंजाम दिया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
करीब 200 साल पुराना बताया जा रहा मंदिर
स्थानीय जानकारी के अनुसार ब्रह्मदेव मंदिर करीब 200 साल पुराना है। लंबे समय से यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
सागर-कानपुर नेशनल हाईवे के पास स्थित होने के कारण स्थानीय लोगों के अलावा दूसरे इलाकों से आने वाले श्रद्धालु भी यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक महत्व वाले इस मंदिर में चोरी की खबर सामने आने के बाद आसपास के लोगों में भी घटना को लेकर चर्चा है।
स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए मंदिर से प्रतिमाओं की चोरी केवल संपत्ति से जुड़ा मामला नहीं बल्कि धार्मिक आस्था से भी जुड़ा विषय है। इसलिए लोग चोरी हुई मूर्तियों को जल्द से जल्द बरामद करने और आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
पुजारी को चोरी का पता चलने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर मतगुवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोर मंदिर में किस रास्ते से दाखिल हुए और वारदात के बाद किस दिशा में गए। आसपास के इलाके में मौजूद संभावित सीसीटीवी कैमरों की जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
मंदिर से इतनी संख्या में मूर्तियां और सिंहासन ले जाने के लिए किसी वाहन का इस्तेमाल किया गया या नहीं, यह भी जांच का विषय है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वारदात से जुड़े सभी संभावित पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
पुराने मंदिरों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी सामने ला दिया है। कई पुराने धार्मिक स्थलों पर बहुमूल्य प्रतिमाएं, आभूषण और पूजा से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुएं रखी होती हैं।
ऐसे मंदिरों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर चोरी की आशंका बनी रहती है। ब्रह्मदेव मंदिर की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की मांग भी उठ सकती है।
विशेष रूप से पुरानी अष्टधातु प्रतिमाएं चोरी होने के मामलों में पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होता है कि वारदात सामान्य चोरी के उद्देश्य से की गई या इसके पीछे प्राचीन मूर्तियों की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा कोई नेटवर्क सक्रिय है। फिलहाल इस मामले में ऐसी किसी कड़ी की पुष्टि नहीं हुई है।
मूर्तियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती चोरी हुई 16 मूर्तियों और दोनों सिंहासनों को बरामद करना है। इसके लिए आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों और लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।
घटना के समय मंदिर और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी जांच का हिस्सा हो सकती है। इसके अलावा हाईवे पर लगे कैमरों या आसपास के प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज से चोरों के आने-जाने के बारे में सुराग मिलने की संभावना है।
श्रद्धालुओं में घटना से नाराजगी
मंदिर में चोरी की खबर फैलने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है। धार्मिक स्थल से भगवान की प्रतिमाओं और सिंहासनों की चोरी ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है।
श्रद्धालु चाहते हैं कि पुलिस जल्द आरोपियों की पहचान कर चोरी हुई प्रतिमाओं को सुरक्षित बरामद करे। पुरानी प्रतिमाओं को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसे लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
फिलहाल मतगुवां थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चोरी में शामिल आरोपियों की संख्या, वारदात का सटीक समय, चोरी हुई मूर्तियों का मूल्य और आरोपियों के संभावित नेटवर्क के बारे में जांच के बाद स्थिति साफ होगी।
करीब 200 साल पुराने ब्रह्मदेव मंदिर से 16 मूर्तियों और दो सिंहासनों की चोरी जिले में बड़ी वारदात के रूप में सामने आई है। अब पुलिस की जांच और चोरी हुई ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व की प्रतिमाओं की बरामदगी पर नजर बनी हुई है।