इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में आतंकी हमले जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के अधिकारियों ने इंदौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में प्रस्तावित आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां आपसी तालमेल से तेजी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकें।इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित बैठक के दौरान एनएसजी के अधिकारियों ने आगामी अभ्यास के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन से आवश्यक सहयोग पर चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉक ड्रिल से पहले सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों और आवश्यक संसाधनों की समीक्षा करना था।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में हुई अहम बैठक
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) राजेश डंडोतिया ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड देश के विभिन्न राज्यों में समय-समय पर आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित करता है। इन अभ्यासों के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को परखा जाता है।उन्होंने बताया कि सोमवार को इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित बैठक में एनएसजी की टीम और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने प्रस्तावित अभ्यास से संबंधित व्यवस्थाओं पर बातचीत की।राजेश डंडोतिया ने कहा, "NSG अलग-अलग राज्यों में आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित करती है। इन अभ्यासों की तैयारियों और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस से NSG की जरूरतों पर चर्चा करने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में एक बैठक हुई। आने वाले दिनों में NSG यहां आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल कर सकती है।"
सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक के दौरान सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया। अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि प्रस्तावित मॉक ड्रिल के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन की क्या भूमिका होगी।ऐसे अभ्यासों में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने, घटनास्थल तक पहुंचने और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देने की क्षमता को परखा जाता है।अधिकारियों के अनुसार, किसी भी बड़ी सुरक्षा चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित अभ्यास के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को पहले से समझना और तैयारियों में संभावित कमियों की पहचान करना भी था।
इंदौर और उज्जैन में मॉक ड्रिल की तैयारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इंदौर के साथ उज्जैन में भी सुरक्षा तैयारियों को लेकर एनएसजी की मॉक ड्रिल प्रस्तावित है। इसी सिलसिले में पुलिस कंट्रोल रूम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा से जुड़े विभागों के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई।बैठक में अभ्यास की रूपरेखा तथा स्थानीय स्तर पर आवश्यक सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, प्रस्तावित मॉक ड्रिल की निश्चित तारीख और स्थान की आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है।
क्या होती है आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल?
आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल एक अभ्यास प्रक्रिया होती है, जिसमें संभावित आतंकी हमले या अन्य गंभीर सुरक्षा खतरे जैसी काल्पनिक परिस्थितियां तैयार की जाती हैं।इसका उद्देश्य यह जांचना होता है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी वास्तविक घटना के समय कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया दे सकती हैं।ऐसे अभ्यासों में आपातकालीन सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों की तैनाती, प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने, लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और राहत एवं बचाव कार्यों के बीच समन्वय जैसी व्यवस्थाओं को परखा जा सकता है।मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की दिशा में कदम उठाए जाते हैं।
पहले भी इंदौर में हो चुके हैं सुरक्षा अभ्यास
इंदौर पुलिस समय-समय पर शहर के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा अभ्यास आयोजित करती रही है।इससे पहले शहर के एक प्रमुख मॉल में संदिग्ध विस्फोटक वस्तु मिलने जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार कर बम थ्रेट मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी।इस दौरान पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा व्यवस्था, लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आपातकालीन सूचना तंत्र से जुड़े इंतजामों का अभ्यास किया था।इसी प्रकार आईटी पार्क में भी पुलिस ने सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मॉक ड्रिल कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन किया था।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल
इंदौर प्रदेश का प्रमुख व्यावसायिक और औद्योगिक शहर है। यहां बड़ी संख्या में सार्वजनिक संस्थान, बाजार, शैक्षणिक परिसर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं।ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत बनाए रखना महत्वपूर्ण है।एनएसजी और इंदौर पुलिस की यह बैठक इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और आपसी समन्वय का आकलन किया जा सकेगा।फिलहाल अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई है। इसके आयोजन की विस्तृत रूपरेखा और समय संबंधी जानकारी आगे तय की जाएगी।