Jabalpur जबलपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने रविवार को जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान देश में बढ़ते जनसंख्या असंतुलन और संघ-भाजपा के संबंधों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा में संघ के स्वयंसेवकों की अधिक संख्या इसलिए है क्योंकि भाजपा उन्हें स्वीकार करती है, जबकि अन्य दल ऐसा नहीं करते। उन्होंने कहा, “संघ के स्वयंसेवक समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना से कार्य करते हैं। भाजपा में स्वयंसेवक इसलिए अधिक दिखते हैं क्योंकि वे प्रवेश को नहीं रोकते। अन्य दलों में यही खुलेपन की कमी है।”
“जनसंख्या असंतुलन तीन कारणों से”
होसबले ने कहा कि देश में जनसंख्या असंतुलन एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है और इसके तीन मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा,
“पहला कारण है – बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठिए, जो लगातार सीमावर्ती इलाकों में बस रहे हैं। दूसरा कारण है – धर्मांतरण (conversion), जिससे कुछ इलाकों में जनसंख्या संरचना में बड़ा बदलाव आया है। और तीसरा कारण है – कुछ समुदायों में अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि दर (high progeny rate)।”
उन्होंने कहा कि ये तीनों कारण सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। “अगर इस असंतुलन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में यह कई सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं को जन्म देगा।”
“घुसपैठ पर नियंत्रण जरूरी”
RSS महासचिव ने कहा कि सीमाओं पर घुसपैठ को रोकना और अवैध नागरिकों की पहचान करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “सरकारें इस दिशा में कदम उठा रही हैं, लेकिन इस पर और कठोर कार्रवाई की जरूरत है। जो लोग भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं, वे न केवल जनसंख्या असंतुलन बल्कि संसाधनों पर भी दबाव डालते हैं।”
“धर्मांतरण रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता जरूरी”
धर्मांतरण पर बोलते हुए होसबले ने कहा कि केवल कानून बनाने से यह समस्या नहीं रुकेगी, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, “संविधान सबको अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन लालच या दबाव में किया गया रूपांतरण सामाजिक विषमता बढ़ाता है। समाज को इस पर जागरूक रहना होगा।”
“जनसंख्या नीति पर राष्ट्रीय विमर्श होना चाहिए”
उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को एक संतुलित जनसंख्या नीति की आवश्यकता है, जिसमें सभी समुदायों के लिए समान नियम हों। उन्होंने कहा कि “जनसंख्या नियंत्रण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
संघ और भाजपा पर टिप्पणी
संघ-भाजपा के संबंधों पर होसबले ने कहा कि “संघ राजनीति नहीं करता, लेकिन जो स्वयंसेवक देश सेवा की भावना से राजनीति में जाते हैं, उन्हें कोई नहीं रोक सकता। भाजपा ऐसे कार्यकर्ताओं को स्वीकार करती है, इसलिए वहां स्वयंसेवकों की संख्या अधिक दिखती है।”