पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान से ठीक तीन दिन पहले जन सुराज के सूत्रधार और प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने चुनावी प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। सोमवार को उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के पांच वार्डों में मोहल्ला मीटिंग और एक स्थान पर चाय बैठक कर मतदाताओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान प्रशांत किशोर ने लोगों से जाति, धर्म और राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर मतदान करने की अपील की।
प्रशांत किशोर ने अपने जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान मतदाताओं के सामने विकास, बदलाव और नई राजनीतिक सोच का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल जातीय समीकरणों या पारंपरिक राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि क्षेत्र के भविष्य और जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाना चाहिए।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी मुकाबला अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही सभी प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत प्रचार में झोंक दी है। इसी क्रम में प्रशांत किशोर ने भी छोटे-छोटे जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की।
मोहल्ला मीटिंग के दौरान प्रशांत किशोर ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपने वोट का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और ऐसे प्रतिनिधि का चयन करें जो क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाए।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव में किसी दबाव या पुराने राजनीतिक समीकरणों के आधार पर निर्णय न लें। प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है और इसका उपयोग क्षेत्र के विकास तथा बेहतर भविष्य के लिए किया जाना चाहिए।
जन सुराज की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि राजनीति में बदलाव की जरूरत है। प्रशांत किशोर अपने अभियानों में पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग व्यवस्था और नए विकल्प की बात करते रहे हैं। बांकीपुर उपचुनाव में भी उन्होंने इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
चाय बैठक के दौरान भी प्रशांत किशोर ने आम लोगों से बातचीत की। उन्होंने स्थानीय युवाओं, बुजुर्गों और अन्य वर्गों के लोगों से उनकी समस्याएं जानीं। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, स्थानीय सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मतदान से पहले का समय किसी भी चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण होता है। अंतिम दिनों में उम्मीदवार मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाने की कोशिश करते हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अपना संदेश पहुंचाया जा सके। प्रशांत किशोर का यह अभियान भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बांकीपुर विधानसभा सीट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां शहरी मतदाताओं की संख्या अधिक है और चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक छवि भी अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में प्रशांत किशोर का जाति और धर्म से ऊपर उठकर मतदान की अपील करना चुनावी विमर्श को अलग दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में मतदाताओं से कहा कि वे किसी भी उम्मीदवार का मूल्यांकन उसके काम, सोच और क्षेत्र के लिए उसकी योजनाओं के आधार पर करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास बदलाव लाने का सबसे बड़ा माध्यम वोट होता है।
वहीं, अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवार भी चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। चुनावी मैदान में मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है और हर प्रत्याशी अपनी रणनीति के साथ मतदाताओं तक पहुंचने में जुटा है।
उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में अब प्रचार के अंतिम दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। उम्मीदवार अपनी बात अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशांत किशोर की मोहल्ला मीटिंग और चाय बैठकों के जरिए जनता से सीधा संवाद करने की रणनीति ने चुनावी माहौल को और सक्रिय कर दिया है।
अब मतदान के दिन मतदाता किस मुद्दे को प्राथमिकता देते हैं और किस उम्मीदवार पर भरोसा जताते हैं, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और सभी की नजर चुनावी नतीजों पर बनी हुई है।