भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपनी मांगें मनवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार दबाव बना रहा है। पटवारी ने कहा कि एपस्टीन फाइलों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पहले जिन आशंकाओं को व्यक्त किया था, वे अब सही साबित होती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री पर अमेरिकी दबाव के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका के दबाव को लेकर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत के प्रधानमंत्री पर दबाव बनाकर अपने हितों के अनुरूप फैसले करवाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब अमेरिका का ऐसा रवैया सामने आया हो।पटवारी के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और व्यवहार को देश ने देखा था। इसके बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर हुई बातचीत के दौरान भी अमेरिका के रुख पर सवाल उठे थे।उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं को अलग-अलग देखने के बजाय इनके राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभावों को समझने की जरूरत है।
राहुल गांधी की आशंकाएं सच होने का दावा
पटवारी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइलों को लेकर पहले ही गंभीर सवाल उठाए थे। उनका दावा है कि हालिया घटनाक्रम से राहुल गांधी की चिंताओं को बल मिला है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि देश के सामने इससे जुड़े तथ्यों को लाना चाहती है।पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की व्यक्तिगत आलोचना करना नहीं है। उनके अनुसार, पार्टी का मकसद राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा और जनता को महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति जागरूक करना है।
एपस्टीन फाइलों को लेकर फिर बढ़ा विवाद
एपस्टीन फाइलों का मुद्दा एक बार फिर भारतीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी वित्त कारोबारी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कथित तस्वीर को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।बुधवार, 21 अक्टूबर को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई यात्रा और एपस्टीन से संबंधित तस्वीर सामने आने के समय को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को संबोधित करते हुए कथित ब्लैकमेलिंग का मुद्दा उठाया था। हालांकि, उस आरोप के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया था।
हरदीप सिंह पुरी पहले खारिज कर चुके हैं आरोप
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इससे पहले एपस्टीन से अपने संपर्कों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने फरवरी 2026 में कहा था कि नौ वर्षों के दौरान उनकी एपस्टीन से चार मुलाकातें हुई थीं और ये पेशेवर गतिविधियों से संबंधित थीं।पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एपस्टीन फाइलों से संबंध होने के आरोपों को भी निराधार बताया था। उन्होंने एपस्टीन के आपराधिक कृत्यों से किसी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया था।
भारत-अमेरिका संबंधों पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में भारत की संप्रभुता, आर्थिक हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।कांग्रेस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव से जुड़े आरोपों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि जनता के बीच किसी तरह की आशंका न रहे।
सियासी बहस तेज होने के आसार
पटवारी के इस बयान के बाद एपस्टीन फाइलों, भारत-अमेरिका संबंधों और केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अमेरिका द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव डाले जाने या एपस्टीन फाइलों के जरिए ब्लैकमेल किए जाने की बात कांग्रेस नेताओं का आरोप है, कोई प्रमाणित निष्कर्ष नहीं। ऐसे में इस विवाद का केंद्र सरकार के स्पष्टीकरण और सामने आने वाले प्रमाणों पर निर्भर करेगा।