भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर दुरंतो एक्सप्रेस के यात्रियों और पैंट्री कार कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद कथित मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रेन में चढ़ने-उतरने और सामान रखने की जगह को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने यात्रियों के साथ हाथापाई की और एक यात्री के साथ मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फट गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यात्री सुरक्षा और रेलवे कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार, 20 अक्टूबर को सामने आई इस घटना के दौरान रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद के कारण ट्रेन करीब 29 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही। हालांकि, ट्रेन के ठहराव की सटीक अवधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


ट्रेन में चढ़ने-उतरने और सामान रखने को लेकर विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यात्रियों और पैंट्री कार कर्मचारियों के बीच विवाद ट्रेन में चढ़ने-उतरने तथा सामान रखने की जगह को लेकर शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच सामान्य कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर कुछ यात्रियों के साथ मारपीट की। इस दौरान एक यात्री के कपड़े भी फट गए। अचानक हुए घटनाक्रम से ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों के बीच भी अफरा-तफरी मच गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मारपीट का वीडियो
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि पैंट्री कर्मचारियों ने यात्रियों के साथ मारपीट की। घटना को लेकर सामने आई खबरों में ट्रेन से यात्रियों को उतारकर पीटने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियां और विवाद किस पक्ष ने शुरू किया, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
29 मिनट तक ट्रेन रुकने का दावा
विवाद के बाद दुरंतो एक्सप्रेस के निर्धारित समय से अधिक देर तक स्टेशन पर रुके रहने की खबर है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ट्रेन लगभग 29 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही। यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच विवाद के कारण ट्रेन परिचालन प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। इस घटना के संबंध में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अलग-अलग रिपोर्टों में ट्रेन की पहचान को लेकर अंतर है। कुछ रिपोर्टों में इसे हावड़ा-भोपाल दुरंतो एक्सप्रेस बताया गया है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में ट्रेन संख्या 12214, दिल्ली सराय रोहिल्ला–यशवंतपुर एसी दुरंतो एक्सप्रेस का उल्लेख किया गया है। इसलिए रेलवे से आधिकारिक पुष्टि के बिना ट्रेन नंबर या रूट को निश्चित मानना उचित नहीं होगा।
जीआरपी और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना की जानकारी मिलने पर राजकीय रेलवे पुलिस यानी जीआरपी के हस्तक्षेप की बात सामने आई है। बताया गया है कि विवाद के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया और ट्रेन को आगे रवाना किया गया। हालांकि, जीआरपी की ओर से दर्ज शिकायत, एफआईआर या किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। वायरल वीडियो और यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर घटना की परिस्थितियों की जांच आवश्यक है।
यात्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
ट्रेन में पैंट्री कर्मचारियों और यात्रियों के बीच मारपीट के आरोप गंभीर हैं। रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन और संबंधित सेवा प्रदाताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पैंट्री कार के कर्मचारी यात्रियों को भोजन और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तैनात रहते हैं। किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में हिंसा के बजाय रेलवे अधिकारियों या सुरक्षा कर्मचारियों की सहायता ली जानी चाहिए। इस घटना ने ट्रेन में कार्यरत सेवा कर्मचारियों के व्यवहार और शिकायत निवारण व्यवस्था की अहमियत को भी सामने रखा है।
रेलवे में विवाद होने पर कहां करें शिकायत?
ट्रेन में किसी यात्री के साथ मारपीट, धमकी, अभद्रता या अन्य सुरक्षा संबंधी घटना होने पर रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा रेल मदद की आधिकारिक वेबसाइट railmadad.indianrailways.gov.in पर भी शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध है। यात्री आवश्यकता होने पर आरपीएफ, जीआरपी या स्टेशन पर तैनात रेलवे अधिकारियों से सहायता मांग सकते हैं। शिकायत करते समय ट्रेन नंबर, कोच नंबर, घटना का समय और स्टेशन का नाम उपलब्ध कराना उपयोगी होता है।
पुलिस जांच और कार्रवाई का इंतजार
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना के बाद अब यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और मारपीट में किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि पैंट्री कर्मचारियों के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज हुई है या नहीं। फिलहाल वीडियो सामने आने और यात्रियों के साथ मारपीट के आरोपों की खबरों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है। रेलवे प्रशासन तथा पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियां और संभावित कार्रवाई स्पष्ट हो सकेंगी।
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