Bhopal भोपाल: (मध्य प्रदेश) में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में बराबरी का अधिकार दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला वास्तव में क्रांतिकारी है। इससे देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे उनकी आवाज और भी प्रभावी तरीके से सामने आएगी।
मोहन यादव ने विशेष रूप से जनगणना के आधार में किए गए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों का निर्धारण जारी था, लेकिन अब 2011 की जनगणना को आधार बनाना एक दूरदर्शी निर्णय है। इससे प्रतिनिधित्व अधिक वास्तविक और वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप होगा।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं को राजनीतिक शक्ति देगा, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी अधिक समावेशी बनाएगा। इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह कानून महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनेगा और देश के विकास में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।